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तेजस्वी के तंज पर रवि शंकर ने किया पलटवार, कहा- दलित सिर्फ वोट बैंक नहीं

Sun, 15 Apr 2018 12:18 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
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रवि शंकर प्रसाद
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तेजस्वी यादव द्वारा दलितों के साथ खाना खाने को लेकर रवि शंकर पर तंज कसे जाने के बाद केंद्रिय मंत्री ने पलटवार किया है। उन्होंने पूछा कि क्या दलित बहनों को मेरे साथ होटल में खाना खाने का अधिकार नहीं है। रवि शंकर ने ट्वीट किया- पूरे बिहार से आयी डिजिटल साक्षर SC/ST बहनों और बेटियों को आंबेडकर जयंती के दिन पटना में सम्मानित किया और उनके साथ भोजन किया। क्या ऐसी ग़रीब SC/ST बहनों को मेरे साथ बड़े होटल में भोजन करने का अधिकार नहीं है? यह मेरा सौभाग्य है कि मैंने उनका सत्कार किया और उनके साथ भोजन किया।

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इतना ही नहीं उन्होंने तेजस्वी पर दलित सशक्तिकरण की वजह से परेशानी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा- कुछ लोगों को दलितों के सशक्तिकरण से परेशानी हो रही है क्योंकि उन्हें वो सिर्फ वोट बैंक समझते हैं। नरेंद्र मोदी सरकार उन्हें बराबरी और सम्मान का अधिकार देती है। हम 6 करोड़ गरीब लोगों को डिजिटल साक्षर बना रहे हैं जिसमें एक करोड़ लोगों को डिजिटल साक्षर बना चुके हैं।

केंद्रिय मंत्री द्वारा दलितों के साथ लंच करने पर राजद नेता तेजस्वी यादव ने तंज कसा था। उन्होंने कहा था कि पहले तो मंत्री ने दलित के घर खाना खाने से मना कर दिया फिर पांच सितारा होटल में जाकर लंच किया यह कैसा सशक्तिकरण है। तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा कि पटना के ‘चीना कोठी दलित टोला’ में गरीब दलितों के यहां खाना ठुकराने के बाद केंद्रिय मंत्री आंबेडकर जयंती के मौके पर होटल में पहुंचकर छोले-भटूरे खाकर दलित सशक्तिकरण कर रहे हैं।
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दरअसल, आंबेडकर जयंति के मौके पर भाजपा के केंद्रीय मंत्री ने दलितों के साथ लंच किया था। यह लंच भाजपा द्वारा दलितों तक पहुंचने के लिए बनाए कार्यक्रम के तहत आयोजित किया गया था जिसमें केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने दलित समुदाय के कुछ लोगों के साथ पटना के पांच सितारा होटल में लंच किया। इससे पहले दिन में कानून और आईटी मंत्री प्रसाद ने दलित-वर्चस्व वाले चीमा कोठी क्षेत्र में लकड़ी के एक पुल की नींव रखी थी। इस मौके पर उनके साथ बिहार सरकार में भाजपा नंद किशोर यादव और दो विधायक भी मौजूद थे।

प्रसाद दलित बस्ती पहुंचे और डॉक्टर भीम राव आंबेडकर की मूर्ति को माला पहनाई। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने पार्टी के सांसदों को दलित वर्चस्व वाले क्षेत्र में जाने का निर्देश दिया था। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वह दलितों के बीच जाएं और उन्हें सरकार द्वारा उनके लिए चलाई जाने वाली योजनाओं के बारे में जागरुक करें। नेताओं को दलितों के साथ खाना खाने के लिए भी कहा गया है। जहां बिहार सरकार के मंत्री और दो विधायकों ने दलितों के साथ सामुदायिक भोज किया।

इस भोज को भाजपा युवा मोर्चे द्वारा आयोजित किया गया था जिसमें खिचड़ी परोसी गई। वहीं रवि शंकर ने होटल मौर्या में उनके साथ आधिकारिक तौर पर बातचीत की। रवि शंकर प्रसाद ने दलित महिला बिजनेसवूमेन के साथ होटल में खाना खाने की तस्वीरों को अपने ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया था। कार्यक्रम में अनुसूचित जाति और जनजाति की ग्रामीण महिला बिजनेसमैन शामिल हुईं थीं। यह पहला मौका नहीं है जब भाजपा दलितों को लुभाने की कोशिश कर रही है। इससे पहले भी भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने दलित के घर में खाना खाया था।
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