बिहार में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी ने आम बजट को किसान विरोधी बजट करार दिया है। राजद की कमान संभाल रहे तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया ट्वीट कर नीतीश कुमार से सवाल किया है। उन्होंने लिखा, 'बजट में बिहार के लिए कुछ भी नहीं है। बिहार को विशेष पैकेज और विशेष राज्य के दर्जे पर कुछ भी नहीं मिला। नीतीश कुमार बताएं क्या यही उनके लिए डबल इंजन है? नीतीश जी की वजह से भाजपा की केंद्र सरकार बिहार के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।'
तेजस्वी यादव ने बजट को किसानों के साथ धोखाधड़ी करार दिया है। तेजस्वी ने लिखा, 'बजट किसानों के साथ छलावा है। गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1600 रुपये प्रति क्विंटल है, लेकिन बाजार में उस मूल्य पर कोई गेहूं खरीदने वाला नहीं है। मजबूरन किसान को 1300 रुपये में गेहूं बेचना पड़ता है। किस डेढ़ गुणा एमएसपी की बात हो रही है? वातानुकूलित कैबिनों में बैठकर किसानों का भाग्य मत लिखिए।'
तेजस्वी यादव के सवालों की झड़ी यहीं नहीं रूकी। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए लिखा, 'मोदी सरकार ने धरातल पर कुछ नहीं किया और ना ही कर रही। सरकार सिर्फ कागजो पर बातों के पकौड़े और जुमलों के बताशे उतार रही है।'
तेजस्वी यादव ने मोदी सरकार को पूंजीपतियों की सरकार करार दिया। उन्होंने लिखा, 'किसानों की खेती की चिंता छोड़ मोदी सरकार वोटों की खेती में लीन है। बीजेपी देश से किसानों को समाप्त करना चाहती है। पूंजीपतियों का NPA 10 लाख करोड़ है लेकिन पूंजीपतियों की रखवाली मोदी सरकार 80 करोड़ किसानों का कुछ हजार करोड़ रुपए कर्ज माफ नहीं कर सकती।