बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ने निजी क्षेत्र में आरक्षण की वकालत की है। उन्होंने कहा कि उनकी राय से निजी क्षेत्र में भी आरक्षण होना चाहिए और इस पर राष्ट्रीय स्तर पर बहस होनी चाहिए।सोमवार को लोक संवाद कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वो निजी तौर पर निजी क्षेत्र में आरक्षण चाहते हैं, लेकिन बिहार सरकार ने अभी केवल सरकारी पे-रोल पर रखे जाने वाले कर्मियों पर आरक्षण नीति लागू की है। निजी कंपनियों से करार में ये नियम लागू नहीं होगा।
आउटसोर्स जॉब में आरक्षण के फैसले पर राजनीतिक खींचतान के बीच नीतीश ने कहा कि जिनको आरक्षण की जानकारी नहीं है, वही सवाल उठा रहे हैं। जिस काम का भुगतान सरकार कर रही हो, उसमें आरक्षण एक्ट का पालन करना ही पड़ेगा। जो प्लेसमेंट एजेंसी या आउटसोर्सिंग कंपनी मानव संसाधन मुहैया कराती है वहां से सरकारी विभागों में नियुक्ति के लिए चयन में ही नई नीति लागू होगी।
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नोटबंदी और जीएसटी के खिलाफ विपक्षी के आंदोलन को लेकर कहा कि जिसको विरोध करना है, वे विरोध करेंगे, लेकिन हम इसके पक्षधर हैं। उन्होंने कहा कि कालेधन पर चोट तो होना ही चाहिए।
पोस्टर वार पर उन्होंने कहा कि इतने साल के कॅरियर में मैंने अपने विरोधियों को लेकर घटिया बात नहीं की। मैं अपने प्रवक्ताओं को भी बोलूंगा कि मुझ पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उस पर कोई जवाब न दें। इस दौरान शौचालय घोटाले को लेकर उन्होंने कहा कि इस घोटाले में जिसने भी गलत किया है उसको पकड़कर कटघरे में खड़ा किया जाएगा।
लालू के बयान को लेकर उन्होंने कहा कि मेरे बड़े भाई राजगीर में मेरी समाधि बनाने की बात कर रहे हैं। इससे बड़ी बात क्या हो सकती है कि उस जगह मेरी समाधि बन जाए।