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शहाबुद्दीन को बेल मिलते ही उम्रकैद की सजा सुनाने वाले जज ने कराया ट्रांसफर

Wed, 21 Sep 2016 11:13 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : ANI
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बिहार में कुख्यात बाहुबली मोहम्मद शहाबुद्दीन के खौफ का एक और नजारा सामने आया है। जब शहाबुद्दीन को दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा सुनाने वाले सीवान कोर्ट के जज ने उसे हाईकोर्ट से बेल मिलते ही अपना ट्रांसफर पटना के लिए करा लिया। 
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जज ने शहाबुद्दीन से अपनी जान का खतरा बताते हुए पटना हाइकोर्ट को चिट्ठी लिखकर सीवान से अपना तबादला कहीं ओर करने की मांग की थी।

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के अनुसार दो भाइयों की हत्या में शहाबुद्दीन को सीवान सेशन कोर्ट के अतिरिक्त जिला जज अजय कुमार श्रीवास्तव ने बीते दिसबंर को ही उम्रकैद की सजा सुनाई थी। लेकिन बीते सात सितंबर को शहाबुद्दीन को हाइकोर्ट से जमानत मिल गई। 

दस सितंबर को अदालत के आदेश के बाद उसे रिहा कर दिया गया। लेकिन इससे एक दिन पहले ही एडीजे अजय कुमार श्रीवास्तव ने पटना हाइकोर्ट को खत लिखकर अपना ट्रांसफर करने की मांग की थी। 
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शहाबुद्दीन की रिहाई के बाद खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे थे एडीजे

कोर्ट - फोटो : डेमो फोटो
खत में क्या क्या लिखा गया इसकी तो सही सही जानकारी नहीं मिल सकी लेकिन सूत्रों ने बताया कि शहाबुद्दीन की रिहाई के बाद जज खुद असुरक्षित महसूस कर रहे थे इसलिए उन्होंने अपने ट्रांसफर की मांग की थी। 

हालांकि बिहार सरकार ने उन्हें सुरक्षा मुहैया करा रखी थी लेकिन शहाबुद्दीन के जेल से बाहर आने के बाद से श्रीवास्तव सहज महसूस नहीं कर रहे थे। वहीं एडीजे के खत पर संज्ञान लेते हुए हाइकोर्ट ने तुरंत उनका तबादला पटना के लिए कर दिया। 

बता दें कि एडीजे श्रीवास्तव की कोर्ट ने ही शहाबुद्दीन के खिलाफ चल रहे मामले की सुनवाई की थी। मामले में कई सालों तक चली सुनवाई के बाद बीते साल 11 दिसंबर को एडीजे श्रीवास्तव ने ही दो भाइयों सतीश राज और गिरीश राज की हत्या के मामले में शहाबुद्दीन को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। 
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उम्रकैद की सजा के बाद हाइकोर्ट ने दे दी थी बेल

- फोटो : Getty
दोनों भाइयों की अगस्त 2004 में शहाबुद्दीन के गांव प्रतापपुर में ही तेजाब से नहला कर हत्या कर दी गई थी। हालांकि बाद में इस हत्याकांड के इकलौते चश्मदीद और उनके तीसरे भाई राजीव रोशन की भी 16 जून 2014 को बीच चौराहे पर गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया गया था। 

वहीं इस सारे वाकये पर सत्ताधारी पार्टी जेडीयू के प्रवक्ता अजय अलोक ने बताया कि राज्य सरकार ने श्रीवास्तव को सुरक्षा मुहैया कराई थी। 

वहीं सीवान के एसपी सौरभ कुमार शाह ने बताया कि सीवान जिला प्रशासन की ओर से बीस लोगों को सुरक्षा देने की मांग की गई थी। जिन्हें हमने समय रहते सुरक्षा उपलब्‍ध करा दी थी। 
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