बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार
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बिहार में अब राज्य सरकार ने किसानों को डीजल अनुदान देना बंद कर दिया है। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। सरकार किसानों को तीन सिंचाई के लिए प्रति लीटर 60 रुपये की दर से अनुदान देती थी, लेकिन, लगभग दस वर्षों से हर साल चल रही यह योजना इस वर्ष बंद हो गई।
सरकार ने गत वर्ष ही इस योजना को बंद करने का मन बना लिया था। गत वर्ष अनुदान के लिए 11.64 लाख किसानों ने आवेदन किया था। लेकिन सरकार ने मात्र 6.37 लाख को ही इसका लाभ दिया। इसके पहले वर्ष 2018-19 में 42.32 लाख किसानों ने आवेदन किया था और 30.02 लाख किसानों को इसका लाभ मिला था।
पिछले वर्ष खरीफ में हर नक्षत्र में वर्षा हुई थी। इसकी कोई जरूरत नहीं पड़ी। रबी में योजना नहीं चलाने का तर्क न तो सरकार दे पा रही है और न ही कृषि अधिकारी। कृषि मंत्री अमरेंद्र प्रताप सिंह ने बिजली की प्रचुर उपलब्धता को इसका कारण बताया।
खरीफ में भी ऐसा नहीं है कि किसानों को सिंचाई के लिए डीजल की जरूरत नहीं पड़ी। यह सही है कि इस वर्ष खरीफ मौसम में सितंबर तक 14 प्रतिशत अधिक वर्षा हुई। अगस्त में राज्य में 29 प्रतिशत वर्षा की कमी थी।