लालू के लाल तेजप्रताप एक बार फिर सुर्खियां बटोर रहे हैं। जहां एक तरफ लालू प्रसाद यादव की तबियत नासाज है वहीं दूसरी तरफ उनके परिवार और पार्टी के भीतर उठा बवंडर थमने का नाम नहीं ले रहा। राजनीति को लेकर ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाने वाले तेजप्रताप अपनी धार्मिक यात्रा से लौटकर अचानक राजनीति में सक्रिय नजर आ रहे हैं।
रविवार को वह अचानक राजद कार्यालय पहुंचे और पार्टी सुप्रीमो और अपने पिता लालू का कमरा खुलवाकर उनकी कुर्सी पर बैठ गए।
राजनीति में मेरे सामने सब धवस्त होंगे
पार्टी के युवा कार्यकर्ताओं के साथ चुनावी रणनीति को लेकर बैठक करने के बाद तेजप्रताप ने श्रीमद्भगवदगीता दिखाकर कहा कि अगला चुनाव इसी के सहारे लड़ा जाएगा। मीडिया से बातचीत में तेजप्रताप ने कहा कि पार्टी के अंदर और बाहर दोनों ही विरोधी खतरनाक है और तेजप्रताप के सामने राजनीति में जो भी आएगा ध्वस्त होगा।
खुद को कृष्ण, तेजस्वी को बताया अर्जुन
बातचीत में तेजप्रताप ने कहा कि अब मैं सक्रिय राजनीति में वापस आ गया हूं। खुद को कृष्ण और अपने छोटे भाई और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी को अर्जुन बताते हुए उन्होंने चुनावी महाभारत जीतने का दावा किया। उन्होंने कहा कि कृष्ण के बिना अर्जुन को जीत नहीं मिल सकती। हमारा सुदर्शन चक्र चल पड़ा है और 2019 के लोकसभा और 2020 के विधानसभा चुनावों के लिए बिगुल फूंक रहा हूं।
कांग्रेस को बधाई, नीतीश पर हमला
तेजप्रताप ने बातचीत के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। उन्होंने राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में कांग्रेस को जीत पर बधाई दी। नीतीश पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि उनके पास घर नहीं है, सरकारी आवास की मांग पर बिहार सरकार मौन है। मेरे साथ हो रहे इस व्यवहार को प्रदेश की जनता भी देख रही है।
घर लौटने से किया इंकार
तेजप्रताप ने कहा कि अपने विरोधियों को जवाब देना उन्हें आता है, अभी वह फॉर्म में हैं। मेरे वापसी की खबर मिलते ही विरोधी भाग खड़े हुए हैं। उन्होंने अभी अपने 10 सर्कुलर स्थित आवास पर लौटने से इंकार किया। अपने तलाक के सवाल को भी तेजप्रताप टाल गए।