राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता और बिहार के पूर्व उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव लोकसभा चुनाव के बाद से ही गायब हैं। जिसके कारण विपक्ष लगातार उनपर गायब होने का आरोप लगा रहा था। हालांकि शनिवार को उन्होंने ट्वीट के जरिए जानकारी दी कि वह गायब नहीं हुए हैं और अपना इलाज कराने की वजह से नदारद चल रहे थे।
उनसे जब पूछा गया कि विपक्ष का कहना है कि तेजस्वी यादव गायब हो गए हैं तो उन्होंने जवाब दिया, 'मैंने ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण दे दिया है। लोगों के जो मन में आए उन्हें वैसा कहने दीजिए। उनके पास इससे बेहतर करने को कुछ नहीं है।'
लोकसभा चुनाव में राजद अपना खाता तक नहीं खोल पाया था। नतीजे आने के बाद से तेजस्वी कहीं दिखाई नहीं दे रहे थे। जिसके कारण विपक्ष को उनपर निशाना साधने का मौका मिल गया था। मुजफ्फरपुर के सामाजिक कार्यकर्ता तमन्ना हाशमी ने बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के लापता होने के बैनर लगवाए थे और उन्हें ढूंढ़कर लाने वाले के लिए 5100 रुपये का इनाम घोषित किया था।
वहीं बिहार में दिमागी बुखार के कारण बच्चों की मौत पर भी मुख्य विपक्षी पार्टी के नेता का कुछ न कहना चर्चा का विषय बन गया था।हालांकि शनिवार को उन्होंने वापस लौटते हुए चार ट्वीट किए। उन्होंने कहा कि दोस्तों पिछले कुछ हफ्तों से मैं अपनी लंबित लीगामेंट और एसीएल इंजरी का इलाज करवा रहा था। हालांकि मैं राजनीतिक विरोधियों और साथ ही मीडिया के एक धड़े को देख रहा हूं जो चटपटी कहानियां बना रहे हैं।
उन्होंने कहा था, 'एईएस (दिमागी बुखार) के कारण हजारों गरीब बच्चों की मौत की खबर को मैं लगातार फॉलो कर रहा हूं। इस दुखद क्षण में मैंने पार्टी कार्यकर्ताओं, नेताओं को फोटो खिंचवाए बिना प्रभावित परिवारों से मिलने और सांसदों को इस मुद्दे को संसद में उठाने के लिए कहा। इसी कारण प्रधानमंत्री ने इसपर जवाब दिया।'