12 जनवरी को बिहार के सीएम नीतीश कुमार के काफिले पर ग्रामीणों ने पथराव किया था। कुमार विकास समीक्षा यात्रा के लिए बक्सर पहुंचे थे। पथराव के बीच सीएम को सुरक्षित निकाल लिया गया, लेकिन काफिले में शामिल कुछ सुरक्षाकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसी मामले पर अब बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट से चार ट्विट किए हैं।
तेजस्वी ने अपने पहले ट्विट में लिखा- मुख्यमंत्री नीतीश का प्रत्येक जिले में हिंसक विरोध बेहद चिंतनीय है। मीडिया मुख्यमंत्री पर हुए हमले को नज़रअन्दाज़ क्यों कर रही है? इनके कागजी विकास की जनता पत्थर बरसाकर पोल खोल रही है?
दूसरे ट्विट में तेजस्वी ने कहा- जमीन पर विकास हुआ नहीं फिर किसकी समीक्षा? महादलित परिवारों से मुख्यमंत्री मिलते हैं नहीं फिर भी जनसंवाद का ढकोसला। महादलित टोलों में कहीं कोई विकास नहीं हुआ। जनता आक्रोश में सीएम के क़ाफ़िले पर हमला कर रही है, काले झंडे दिखाए जा रहे है।
तीसरे ट्विट में तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि बिहार के गरीब नीतीश के छद्म विकास पर पत्थर फेंकते हुए। नीतीश जी को आत्ममंथन करना चाहिए हर जिले में आमजन उनका विरोध क्यों कर रहे है?
चौथे ट्विट में .यादव ने लिखा- CM पर हमला हुआ फिर भी मीडिया क्यों चुप है? नीतीश कुमार की कार का घेराव, पत्थरबाज़ी लेकिन फिर भी बिहार में जंगलराज नहीं। नीतीश जी, विकास की समीक्षा जनता करती है मुख्यमंत्री नहीं। आत्मचिंतन करिए।