अपनी वापसी के बाद से तेजप्रताप बिहार की सियासत में छाये हुए हैं। नए साल की पूर्व संध्या पर वह अपनी मां राबड़ी देवी से मिलने अपने भाई तेजस्वी के आवास 5, देशरत्न मार्ग पहुंचे। परिवार से मनमुटाव के बाद अपनी मां से तेजप्रताप की यह पहली मुलकात है। दोनों की यह मुलाकात बंद कमरें में हुई।
भाई से कोई विवाद नहीं
राबड़ी से मुलाकात के बाद तेजप्रताप ने कहा कि मेरी मां हमेशा ही मेरे साथ खड़ी रही है। वह मेरी हर जिद को पूरी करती है। तेजस्वी से मेरा कोई विवाद नहीं है। मैं तो आज ही उसे मुख्यमंत्री घोषित करता हूं। वहीं इस मुलाकात के बाद राबड़ी भी भावुक दिखी। उन्होंने कहा कि वह अपने बाल बच्चों के साथ है क्योंकि मां तो मां होती है। इस दौरान राबड़ी अपनी बहु ऐश्वर्या से जुड़े सवालों से बचती नजर आईं।
ऐश्वर्या से कोई नाता नहीं
तलाक विवाद उठने के बाद अपनी मां से यह तेजप्रताप की पहली मुलाकात रही। बातचीत में तेजप्रताप ने कहा कि ऐश्वर्या से मेरा कोई नाता नहीं है और वह आठ जनवरी को अदालत में अपना पक्ष रखेंगे। बता दें कि इस मुद्दे पर तेजप्रताप को अपने परिवार का साथ नहीं मिल रहा है और यही वजह है कि वह परिवार से अलग रह रहे हैं। हालांकि तेजप्रताप चाहते हैं कि परिवार तलाक लेने में उनका साथ दे।
घर से दूर, मांझी के पड़ोसी
तलाक विवाद के बाद से तेजप्रताप कभी वाराणसी तो कभी वृंदावन में देखे गए। लौटने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से आवास दिए जाने का आग्रह किया था। सरकार ने उन्हें विधानसभा पूल से 2 एम स्ट्रैंड भवन अलॉट किया गया है। उनका नया आशियाना अपने भाई तेजस्वी से दूर और हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा के अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के समीप है। सूत्रों के मुताबिक खरमास के बाद तेजप्रताप अपने नए घर में गृहप्रवेश करेंगे।
जहां एक ओर मां ने तेजप्रताप को तलाक के मुद्दे पर समझाने की कोशिश की वहीं तेजप्रताप की राजनीतिक सक्रियता बढ़ने और उनके पक्ष में लालू परिवार से अलग-थलग पड़े दोनों मामा साधु यादव व सुभाष यादव के उनके पक्ष में खड़े हैं।