बिहार में शराब मामले में एक जुवेनाइल अदालत ने शनिवार को एक किशोर को दलित क्षेत्र में छात्रों को ट्यूशन पढ़ाने और उसके बाद अदालत में मरीजों की सेवा करने की सजा सुनाई है। किशोर शेखपुरा जिले में शराब बेचते हुए पकड़ा गया था।
न्यायिक मजिस्ट्रेट जिगर सहा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जुवेनाइल अदालत ने नाबालिग को तीन महीने दलित क्षेत्र में गरीब बच्चों को ट्यूशन देने का आदेश दिया। इस अवधि के बाद किशोर को सदर अस्पताल के फिजियोथरेपी वॉर्ड में सेवाएं प्रदान करने का भी निर्देश दिया।
पिछले साल अप्रैल से पूरे राज्य में शराब पर प्रतिबंध के बावजूद किशोर को अवैध रूप से एक देशी शराब विनिर्माण इकाई को चलाने का दोषी पाया गया था। अतिरिक्त लोक अभियोजक एके दुबे ने कहा पुलिस ने हाल ही में जिले के अरियारि पुलिस स्टेशन के तहत अवैध रूप से एक देशी शराब विनिर्माण इकाई का पर्दाफाश किया था और जांच में इस शराब ठेके को चलाने के लिए एक किशोर को दोषी पाया गया।