राजधानी पटना में मनचलों को थाने से संरक्षण मिलने का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है कि जब दो बहनों के साथ दिनदहाड़े छेड़खानी की घटना हुई और वो थाने में मामला दर्ज कराने पहुंची तो थानेदार ने रिपोर्ट दर्ज करने से मना करते हुए उन्हें चुपचाप घर जाने की सलाह दी। मामला सोशल मीडिया में आते ही एसएसपी मनु महाराज ने संज्ञान लिया और कड़ी कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से थानेदार को सस्पेंड कर दिया।
जानकारी के अनुसार विवेकानंद मार्ग स्थित निजी हॉस्टल में रहने वाली दोनों बहनें किताब लेकर वापस हॉस्टल लौट रही थीं। इसी दौरान बृहस्पतिवार की शाम बुद्धा कॉलोनी थाना क्षेत्र के बोरिंग रोड चौराहे पर पहले से मौजूद मनचलों ने दोनों से छेड़खानी करने लगे। दोनों बहनों ने जब छेड़खानी का विरोध किया, तो मनचलों ने छोटी बहन के बाल और हाथ खींच कर पचास मीटर तक घसीट दिया, जिससे वो घायल भी हो गई।
इसके बाद दोनों पीड़िता बुद्धा कॉलोनी थाना पहुंची। वहां मौजूद दारोगा ने एफआईआर लिखने से ही इनकार कर दिया। दारोगा आरडी वर्मा ने दोनों बहनों को झंझट में न पड़ने की बात समझाकर घर जाने को कहा। मामला संज्ञान में आने के बाद पटना के एसएसपी मनु महाराज ने फौरन कार्रवाई करते हुए दारोगा को सस्पेंड कर दिया। साथ ही मामला दर्ज कर 12 दिनों के अंदर मनचलों को हाजत में डालने का निर्देश दिया है।
एसएसपी ने घटना की जानकारी मिलने के बाद विधि-व्यवस्था डीएसपी शिबली नोमानी को हॉस्टल भेजा, जिसके बाद पूछताछ कर डीएसपी ने लिखित आवेदन लिया।