बिहार में गरीबी रेखा से नीचे रहनेवाली तीन करोड़ महिलाओं व बालिकाओं को ट्रेनिंग के बाद आकाश टैबलेट दिया जायेगा। विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के प्रस्ताव को जल्द ही कैबिनेट की मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
इस पर सात हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह राशि राज्य सरकार द्वारा खर्च की जायेगी। ट्रेनिंग में महिलाओं को आधुनिक सूचना तकनीक की जानकारी दी जायेगी।
विज्ञान एवं प्रावैधिकी मंत्री शाहिद अली खान ने बताया कि महिलाओं व बालिकाओं को ट्रेनिंग के बाद टैबलेट दिया जायेगा। ट्रेनिंग प्रोग्राम में महिलाओं को अपनी बच्चियों के साथ आना होगा, ताकि उन्हें तकनीकी जानकारी दी जा सके।
नोडल अधिकारी होंगे तैनात : इसके लिए हर जिले में एक नोडल अधिकारी तैनात किये जायेंगे। नोडल अधिकारियों को मंसूरी स्थित प्रशिक्षण संस्थान में ट्रेनिंग दी गयी है।
वे बीपीएल परिवारों की महिलाओं का चयन कर उनके प्रशिक्षण के लिए कार्यक्रम तय करेंगे। यह लंबे समय तक चलनेवाली योजना होगी।
मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर प्रत्येक स्तर पर तैयारी की जा रही है, ताकि अधिक-से-अधिक महिलाओं को इसका लाभ दिलाया जा सके।