बिहार में एक 21 वर्षीय युवती की स्कूटी से शराब की नौ बोतल मिलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अग्रिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट को अपनी शक्तियों का प्रयोग करना चाहिए था और युवती की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा के लिए उसे जमानत दे देनी चाहिए थी। दरअसल, जिस स्कूटी से शराब की नौ बोलतें बरामद हुई थीं, वह स्कूटी युवती का चचेरा भाई चला रहा था। इसके बाद पुलिस ने मद्य निषेध कानून के तहत मामला दर्ज किया था।
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छह जनवरी को इस मामले में पटना हाईकोर्ट ने युवती की अग्रिम जमानत की याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद युवती ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति सूर्यकांत की पीठ ने कहा, हाईकोर्ट का अग्रिम जमानत देने से इनकार करना अपने संवैधानिक अधिकार का त्याग करने के समान है और हाईकोर्ट को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि अभियुक्त की व्यक्तिगत स्वतंत्रता की रक्षा हो सके। इससे पहले शीर्ष अदालत ने सात अप्रैल को बिहार सरकार को नोटिस जारी करते हुए रूपसपुर थाने में दर्ज प्राथमिकी के संबंध में लड़की की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी थी।