485 रुपये का खर्च आता
सुभाष ने बताया कि एक डिवाइस को तैयार करने में 485 रुपये का खर्च आता है। एक बार चार्ज करने के बाद यह मशीन दो घंटे तक लगातार मोड में काम करती रहेगी और करंट निकलता रहेगा। उन्होंने बताया कि लड़कियों के साथ हो रही छेड़खानी-अत्याचार को देखते हुए इस डिवाइस को बनाया गया है। सुभाष बिना वेल्डिंग मशीन के भी वेल्डिंग कर रहे हैं। यह भी अपने आप में एक चौंकाने वाली बात है। सुभाष ने वेल्डिंग करने के लिए नया जुगाड़ बनाया है। सुभाष को वेल्डिंग करने के लिए एक प्लास्टिक की बाल्टी, दो किलो नमक और कुछ तार तथा बिजली कनेक्शन की जरूरत पड़ती है, जिसमें किसी मशीन की कोई जरूरत नहीं पड़ती। यह बात अपने आप में चर्चा का विषय बनी हुई है। सुभाष ने दसवीं तक की पढ़ाई की है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद वह वेल्डिंग सहित अन्य कामों में लग गए।