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Bihar : छेड़खानी की तो लगेगा करंट; लड़कियों को मनचलों से बचाने के लिए बनाई हाथ में छिपाने वाली डिवाइस

Mon, 11 Sep 2023 04:04 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेतिया

सार

Bihar News : मनचलों की छेड़खानी से बचने के लिए मिर्ची पाउडर लेकर घूमना उतना आसान नहीं, लेकिन यह छोटी-सी डिवाइस हाथ में छिपाकर रखी जा सकती है। यह ऐसी डिवाइस है कि सामने वाले को बिजली का झटका लगेगा। जान नहीं जाएगी, मगर बेहाल कर देगी।
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छेड़खानी की घटनाएं शहर से गांव तक हर जगह होती हैं। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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बिहार में मनचले लड़कियों के लिए बोझ बनते जा रहे हैं। इस कारण लड़कियां आजादी से घूमना-फिरना मुनासिब नहीं समझती हैं। इसे देखते हुए बेतिया के एक युवक ने मनचलों से बचाव को लेकर लड़कियों के लिए एक ऐसा सुरक्षा डिवाइस बनाया है, जो मनचलों के मंसूबों पर पानी फेर सकता है। यह डिवाइस बगहा पुलिस जिला के धनहा थाना क्षेत्र के निवासी सुभाष कुशवाहा (25) ने बनाया है।

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कैसे काम करेगा यह डिवाइस
सुभाष ने जो डिवाइस बनाया है, वह काफी छोटा है। इसे लड़कियां अपने हाथ में लेकर आसानी से घूम सकती हैं। लड़कियां इस डिवाइस को अपने हाथ में लेकर घूमती रहेंगी। अगर कोई मनचला किसी लड़की के साथ मनमानी करता है तो वह डिवाइस में लगे बटन को दबा देगी। बटन दबाने से उससे करंट निकलना शुरू हो जाएगा। डिवाइस से निकले करंट का झटका इतना तेज होता है कि उसे बर्दाश्त करना मुमकिन नहीं है। इस डिवाइस से 300 से 400 वोल्ट तक का झटका लगता है। इसको चार्ज करने के लिए बस एक मोबाइल चार्जर की जरूरत होती है।

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सुभाष कुशवाहा - फोटो : अमर उजाला
485 रुपये का खर्च आता
सुभाष ने बताया कि एक डिवाइस को तैयार करने में 485 रुपये का खर्च आता है। एक बार चार्ज करने के बाद यह मशीन दो घंटे तक लगातार मोड में काम करती रहेगी और करंट निकलता रहेगा। उन्होंने बताया कि लड़कियों के साथ हो रही छेड़खानी-अत्याचार को देखते हुए इस डिवाइस को बनाया गया है। सुभाष बिना वेल्डिंग मशीन के भी वेल्डिंग कर रहे हैं। यह भी अपने आप में एक चौंकाने वाली बात है। सुभाष ने वेल्डिंग करने के लिए नया जुगाड़ बनाया है। सुभाष को वेल्डिंग करने के लिए एक प्लास्टिक की बाल्टी, दो किलो नमक और कुछ तार तथा बिजली कनेक्शन की जरूरत पड़ती है, जिसमें किसी मशीन की कोई जरूरत नहीं पड़ती। यह बात अपने आप में चर्चा का विषय बनी हुई है। सुभाष ने दसवीं तक की पढ़ाई की है। घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण उन्हें दसवीं के बाद पढ़ाई छोड़नी पड़ी। इसके बाद वह वेल्डिंग सहित अन्य कामों में लग गए।
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