बिहार के खगड़िया के कैंब्रिज कहे जाने वाले कोसी कॉलेज में विद्यार्थियों ने बुधवार को ताला बंद कर चार घंटे तक प्रदर्शन किया। यह विरोध शिक्षकों की दूसरे कॉलेज में प्रतिनियुक्ति, स्नातक के नामांकन के आवेदन शुल्क में अप्रत्याशित वृद्धि और कॉलेज में मूलभूत सुविधाओं की कमी के खिलाफ किया जा रहा है। देखते ही देखते छात्रों का आंदोलन तूल पकड़ने लगा। सुविधा दो पैसा लो नहीं तो गद्दी छोड़ दो, जबरन शिक्षकों की प्रतिनुक्ति करना बंद करो के नारों से कॉलेज परिसर गूंजने लगे।
प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने कहा कि एक तो कॉलेज में शिक्षक की घोर कमी है और ऊपर से कॉलेज से शिक्षकों को दूसरे कॉलेज में प्रतिनियुक्त किया जा रहा है। यह हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अब हम लोग नहीं सहेंगे। जब तक शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति वापस नहीं ली जाती, तब तक आंदोलन चलता रहेगा। साथ ही छात्रों ने कहा कि जब तक कॉलेज में मूलभूत सुविधा नहीं दी जाएगी, तब तक पैसा नहीं दिया जाएगा। पहले सुविधा दो फिर पैसा लो अन्यथा छात्र-छात्राओं के द्वारा अनवरत आंदोलन को झेलने के लिए कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रशासन तैयार हो जाए।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य के ठोस आश्वासन के बाद विद्यार्थियों ने आंदोलन को खत्म कर दिया। साथ ही चेतावनी भरे शब्दों में कहा कि अगर हमारी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो कॉलेज और विश्वविद्यालय को पूर्ण रूप से छात्रों द्वारा बंद रखा जाएगा। अगर छात्रों को पढ़ाने के लिए शिक्षक ही नहीं होंगे तो कॉलेज किस काम का। उससे अच्छा है कि कॉलेज को बंद कर दिया जाए।
इस आंदोलन में छात्र नेता प्रिंस कुमार, टीपू सुलतान, निखिल कुमार, हर्ष कुमार मौजूद रहे। साथ ही निरंजन कुमार, सुधांशु कुमार, सूरज कुमार, सूरज कुमार, विशाल कुमार, अनमोल कुमार, नेहा कुमारी, प्रीति कुमारी, ब्यूटी कुमारी और स्वाति कुमारी आदि छात्र-छात्राएं शामिल हुए।