बिहार के बेतिया में एक छात्र ने बंदर को मारने के लिए पत्थर चलाया। उस पत्थर से वहां से गुजर रही सीएचसी मैनाटांड़ की एंबुलेंस का शीशा टूट गया। इसके बाद एम्बुलेंस संचालक शेष यादव ने छात्र को पकड़ा और अपने साथ लेकर जाने लगा। एम्बुलेंस संचालक को अपने साथ छात्र को ले जाते देख लोगों में गुस्सा भड़क गया। मामला मैनाटांड़ प्रखंड क्षेत्र के सकरौल गांव स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय हिंदी का है। छात्र की पहचान दिनेश पासवान के बेटे सुनील कुमार (7) के रूप में की गई है।
जानकारी के मुताबिक, सुनील राजकीय प्राथमिक विद्यालय सकरौल हिंदी के वर्ग दो का छात्र है। छात्र को एम्बुलेंस कर्मी द्वारा ले जाने की सूचना पर दर्जनों लोग विद्यालय के पास पहुंच गए और हंगामा करने लगे। गुस्साए ग्रामीण जावेद अंसारी, झूना अंसारी, जहांगीर आलम, संजय महतो, सिनोध कुमार और कृष्णा आदि विद्यालय में गए। वहां उन्होंने शिक्षकों से पूछा कि जब सुनील कुमार पढ़ने आया है तो एम्बुलेंस कर्मी उसे एम्बुलेंस में बिठाकर क्यों ले जा रहा है। इस पर विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि वह पेशाब करने के लिए छुट्टी लेकर गया है। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी इनरवा पुलिस को दी। मौके पर पहुंची इनरवा पुलिस और ग्रामीणों की पहल से छात्र को एम्बुलेंस चालक से मुक्त कराया गया। एम्बुलेंस चालक ने छात्र को दिउलिया चौक पर ले जाकर घंटों एम्बुलेंस में बंधक बनाकर रखा था। वहीं, विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापक नजमा खातून ने बताया कि सुनील कुमार पढ़ने आया हुआ है। वह पेशाब करने के लिए गया हुआ है।
दरअसल, राजकीय प्राथमिक विद्यालय सकरौल हिंदी में पढ़ने वाले दूसरे वर्ग के छात्र सुनील कुमार ने टीचर से पेशाब करने के लिए जाने की इजाजत मांगी। उसके बाद चारदीवारी से चकमा देकर बाहर निकल गया। फिर वह एक बंदर को देखकर उसपर पत्थर मारने लगा। इस दौरान वहां से गुजर रही एम्बुलेंस पर पत्थर लगने से उसका शीशा टूट गया। इस बात से नाराज एम्बुलेंस चालक उसे एम्बुलेंस में बिठाकर ले गया और घंटों तक बंधक बनाए रखा। इसे देख लोग भड़क गए और वे जमकर हंगामा करने लगे।
इधर, एम्बुलेंस चालक शेष यादव ने बताया कि मैं छात्र को बिठाकर थाने ले जा रहा हूं। ताकि मेरी एम्बुलेंस के फूटे हुए शीशे की भरपाई हो सके। मेरी मानसिकता उस छात्र को बंधक बनाने की नहीं है। इस मामले को लेकर हेल्थ मैनेजर अशोक कुमार पांडे ने बताया कि एम्बुलेंस संचालक ने छात्र को पकड़ कर रखा है। छात्र के परिजन एम्बुलेंस संचालक के पास पहुंचे हैं। उसे छोड़ दिया गया है।
वहीं, थानाध्यक्ष प्रकाश कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही घटनास्थल पर एएसआई रविंद्र सिंह को पुलिस बल के साथ भेजा गया है। छात्र को कब्जे में लेकर उसके परिजनों को कागजी प्रक्रिया कर सौंप दिया गया है।