पटना में विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के खिलाफ प्रदर्शन करने पहुंचे अभ्यर्थियों को पुलिस ने गांधी मैदान में ही रोक दिया। मंगलवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थी गांधी मैदान में जुटे थे। इन लोगों ने मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालने का ऐलान किया था। हालांकि, मार्च शुरू होने से पहले ही पटना पुलिस ने कुछ अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी गांधी मैदान से निकलकर गर्दनीबाग पहुंच गए।
अभ्यर्थियों के मार्च को देखते हुए पुलिस ने पहले से सुरक्षा की तैयारी कर रखी थी। गांधी मैदान में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी। इसके अलावा जेपी गोलंबर और डाकबंगला चौराहे पर भी पुलिस बल तैनात था। जेपी गोलंबर पर बैरिकेडिंग लगाकर अभ्यर्थियों को रोकने की योजना थी, लेकिन वे वहां तक पहुंच ही नहीं पाए। पुलिस ने गांधी मैदान में ही कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शनकारी बोले- मांगें अनसुनी, पुलिस दबा रही आवाज
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है और पुलिस के जरिए उनकी आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि वे पिछले कई महीनों से अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई कथित अनियमितताओं और लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
कौन-कौन से अभ्यर्थी प्रदर्शन में हुए शामिल?
इस प्रदर्शन में बिहार पुलिस दरोगा भर्ती, रेडियो ऑपरेटर, सिपाही भर्ती, मद्य निषेध विभाग के दरोगा और सिपाही भर्ती के अभ्यर्थी शामिल थे। इनके अलावा बेल्ट्रॉन के अभ्यर्थियों और बीपीएससी 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द करने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों ने भी प्रदर्शन में हिस्सा लिया।
क्या हैं अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें?
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में बीपीएससी 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा को रद्द करना शामिल है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई थी, लेकिन अब तक इस मामले में सरकार की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, बिहार पुलिस में 1799 पदों पर निकली दरोगा भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का कहना है कि केवल मुख्य परीक्षा (मेंस) रद्द की गई है। वे प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) को भी रद्द कर नए सिरे से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालना चाहते थे
बेल्ट्रॉन के अभ्यर्थियों का मुद्दा भी प्रदर्शन में उठा। उनका कहना है कि परीक्षा का रिजल्ट जारी होने के बावजूद अब तक उन्हें ज्वाइनिंग नहीं दी गई है। इसके अलावा रेडियो ऑपरेटर और मद्य निषेध विभाग की भर्ती में शारीरिक दक्षता परीक्षा (फिजिकल टेस्ट) लंबित होने का मुद्दा भी अभ्यर्थियों ने उठाया। अभ्यर्थियों का कहना है कि अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जल्द फैसला लेना चाहिए। इसी मांग को लेकर वे मुख्यमंत्री आवास तक मार्च निकालना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने गांधी मैदान में ही उन्हें रोक दिया।