बिहार के गया जिले में एक देवर ने सामाजिक दबाव में अपनी मां समान भाभी के साथ शादी करने के बाद लज्जित होकर आत्महत्या कर ली। इस मामले में पुलिस ने परिवार वालों समेत 9 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
जानकारी के मुताबिक यह घटना गया जिले के विनोबा नगर की है। नौवीं क्लास का छात्र महादेव दास के बड़े भाई संतोष दास की मौत हो गई थी। इसके बाद घर वालों ने महादेव की शादी उससे 10 साल बड़ी भाभी से जबरन करवा दी। बेटे के आत्महत्या करने को लेकर चंद्रेश्वर दास ने बताया कि बड़े बेटे संतोष की मौत के बाद 80 हजार रुपये मुआवजे के तौर पर उनकी बहू रूबी को मिले थे। रूबी के घर वाले इस बात का दबाव डाल रहे थे कि या तो यह पैसे उन्हें दे दो या फिर उनकी बेटी रूबी की शादी अपने छोटे बेटे से करवा दो।
मृतक के पिता चंद्रेश्वर दास ने बताया कि बहू के घरवालों के दबाव में उन्होंने आखिरकार अपने छोटे बेटे की शादी उसकी विधवा भाभी से करवाने का फैसला ले लिया। छोटा बेटा महादेव इस शादी से लगातार इनकार करता रहा, लेकिन बाहरी दबाव के चलते घर वालों ने उसकी एक ना सुनी।
खैर जैसे तैसे शादी हुई और उसमें गांव वालों समेत तमाम रिश्तेदार भी शामिल हुए, लेकिन शादी में फेरों के बाद अचानक महादेव दास घर से गायब हो गया। काफी देर तक जब वह घर वापस नहीं आया तो घर वालों ने गांव में उसकी खोजबीन शुरू की तो घर से कुछ दूर महादेव की लाश तौलिया के बने फांसी के फंदे में लटकी हुई मिली।
आत्महत्या की सूचना पर घटनास्थल पर गया पुलिस पहुंची। पुलिस ने युवक के परिवार वालों समेत 9 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।