नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा।
- फोटो : अमर उजाला
"मुंगेर से स्ट्रीट डॉग एकदम से गायब हो गए हैं। हजारों की तादाद थी, अब लोग बता रहे कि दिख ही नहीं रहे। मैं स्ट्रीट डॉग के इस तरह गायब होने की जांच के लिए सरकार से मांग करता हूं।" बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय कुमार सिन्हा ने यह बयान देते हुए मुंगेर में पिछले दिनों हुई जनता दल यूनाईटेड (JDU) की मटन पार्टी में परोसे गए मांस की भी जांच के लिए मांग रख दी है। अब इस बयान से बिहार की सियायत गरमा गई है। एक ओर भाजपा के नेता परोसे गए जांच की मांग कर रहे हैं।
मुंगेर के स्थानीय लोगों से हमलोगों जुड़े हैं। यह बहुत गंभीर विषय है। कई लोगों बता रहे हैं कि शहर से कुत्ते गायब हो गए हैं। हजारों के मीट-भात कार्यक्रम में किन-किन जानवरों का मांस खिलाया गया, यह जांच का विषय है। इसके कारण क्या-क्या बीमारी फैलेगी? शराब परोसा गया या नहीं यह जांच का विषय है। और अभी लगता क्या है सात दिन भी नहीं हुआ है, सबकी जांच करवा लें। पता चल जाएगा कि कितने लोगों ने शराब पी। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने तो पहले ही जांच की मांग कर दी। शहर के अंदर मटन पार्टी में लाठी भी चली। विजय सिन्हा ने पूछा कि क्या मीट खिलाने से वोट मिल जाएगा। बयानबाजी करने वाले पहले जांच करवाएं तब बयानबाजी करें।
बिहार सरकार के मंत्री का पलटवार- टीक लंबा-लंबा रखते हैं और चंदन पूरा घसते हैं
इधर, विजय सिन्हा के बयान पर पलटवार करते हुए बिहार सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने तंज कसा। कहा कि हमलोगों विजय सिन्हा इतना पढ़े-लिखे नहीं है। बताइए इस तरह का बयान किसी राजनीतिक पार्टी के नेता को देना चाहिए क्या? अगर समय सा सूझ-बूझ है तो इस बात को समझना चाहिए। टीक लंबा-लंबा रखते हैं और चंदन पूरा घसते हैं, पहले 3 किलो मांस खाते हैं। यह भाजपा के नेताओं का चरित्र है। हमलोगों का ऐसा चरित्र नहीं है। हमलोग जो करते हैं दिखाकर करते हैं।
14 मई को मुंगेर में ललन सिंह ने दी मटन पार्टी
दरअसल, जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह के महाभोज समारोह में रविवार दोपहर मटन पार्टी दिया था। यह पार्टी इसलिए भी चर्चा में रही थी क्योंकि इसमें
मटन खाने को लेकर बवाल हो गया था। मटन खाने के लिए पंडाल में अचानक कार्यकर्ता इतनी भारी संख्या में पहुंच गए कि प्रवेश द्वार पर ही स्थिति अनियंत्रित हो गई। सैकड़ों कार्यकर्ता एक साथ इकट्ठा हो गए, जिस कारण भगदड़ मच गई थी। हालात बेकाबू होते सुरक्षाकर्मियों ने कार्यकर्ताओं को प्रवेश द्वार से हटाया। कार्यकर्ता जब नहीं मानें तो सुरक्षाकर्मियों को बल प्रयोग भी करना पड़ा। देखते ही देखते पंडाल के प्रवेश द्वार पर भगदड़ मच गई। कुछ लोगों जमीन पर गिर गए। इतने में अन्य सुरक्षाकर्मी भी वहां आए और फौरन हालात को काबू किया।