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Panchayat Elections : राज्य निर्वाचन आयुक्त का सख्त निर्देश, बिहार में पहली बार मल्टी पोस्ट EVM से होगा मतदान

Tue, 21 Apr 2026 10:04 PM IST
Krishan Ballabh Narayan न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

Panchayat Elections 2026 : बिहार के चुनावी इतिहास में पहली बार आधुनिक तकनीक का उपयोग हो रहा है। पारंपरिक मशीनों की तुलना में यह अधिक त्वरित और त्रुटिरहित है। मल्टी पोस्ट ईवीएम की कई खासियत हैं। 
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महिला मतदाता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 बिहार में पहली बार पंचायत और नगरपालिका आम-उप निर्वाचन 2026 में मल्टी पोस्ट ई.वी.एम. का प्रयोग किया जाएगा। इसके लिए आयोग मल्टी पोस्ट S-3 मॉडल EVM की  32,200 कन्ट्रोल यूनिट एवं 1,93,200 बैलेट यूनिट की खरीददारी करने जा रही है।

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राज्य निर्वाचन आयुक्त ने आज समस्त जिला पदाधिकारी सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक का आयोजन किया। बैठक में  मुख्यरूप से पूर्व में दिनांक 09 अप्रैल को जारी पत्र द्वारा प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार राजस्वग्राम की जनसंख्या दर्शाते हुए प्रपत्र-01 के प्रकाशन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश निर्गत किए गए हैं। वेबसाइट पर जनसंख्या प्रविष्टि में आ रही संबंधित कठिनाइयों को जिलों द्वारा आयोग को प्रतिवेदित की गईं, जिनके निराकरण एवं मल्टी पोस्ट EVM भंडारण व्यवस्था के समुचित प्रबंधन हेतु यह बैठक आयोजित की गई।
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वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बिहार पंचायत निर्वाचन नियमावली के अंतर्गत निर्वाचन प्रक्रिया की आधारभूत दस्तावेज प्रपत्र-01 से संबंधित प्रक्रिया पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। राज्य निर्वाचन आयुक्त ने निर्देशित किया कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार वार्ड वार जनसंख्या का सत्यापन कर वेबसाइट पर प्रविष्टि तकनीकी दल से समन्वय कर तत्काल पूर्ण की जाए। दूसरी ओर प्रपत्र-01 में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे, इस हेतु उपजिला स्तर पर दोहरी जाँच अनिवार्य रूप से की जाए। इसके अलावा निर्धारित तिथि से पूर्व प्रपत्र-01 का प्रकाशन संबंधित कार्यालयों के सूचना पट्ट पर विधिवत करने तथा प्राप्त दावे-आपत्तियों का निस्तारण नियमावली की समय सीमा में निष्पादित करने का निर्देश दिया गया।

क्या है विशेषता 
इस EVM की विशेषता यह है कि एक कंट्रोल यूनिट से छः पदों का मतदान एवं मतगणना एक साथ की जा सकती है। इसका सन्दर्भ यह है मल्टी पोस्ट EVM(S-3 मॉडल) में एक कंट्रोल यूनिट के साथ एक से अधिक बैलट यूनिट कनेक्ट किया जा सकता है, जिससे एक साथ अनेक पदों हेतु मतदान सुगमतापूर्वक संभव है। परम्परागत ईवीएम की तुलना में यह मशीन और अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं त्रुटिरहित मतदान एवं मतगणना सुनिश्चित करती है। साथ ही इसमें छेड़छाड़-रोधी स्टोरेज एंड मेमोरी मॉड्यूल कार्ड एवं टोटलाईजर की व्यवस्था है, जो मतगणना प्रक्रिया को और अधिक सटीक एवं विश्वसनीय बनाती है।
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दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश 
इसके साथ ही मल्टी पोस्ट EVM प्राप्ति के उपरांत वेयरहाउस में रखरखाव के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। अप्रैल माह में ही मल्टीपोस्ट EVM जिलों को प्राप्त होना प्रस्तावित है। जिसके सुरक्षित भंडारण हेतु मुख्यतः निर्देशित किया गया कि सुरक्षित वेयरहाउस में 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी एवं सशस्त्र सुरक्षा बल की तैनाती अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में फर्स्ट लेवल चेकिंग निर्धारित तिथि तक पूर्ण की जाए तथा ससमय आयोग को प्रेषित की जाए। इस अवसर पर आयोग के सचिव मुकेश कुमार सिन्हा, संयुक्त निर्वाचन आयुक्त शम्भू कुमार एवं अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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