बिहार में समता पार्टी के गठन से लेकर जदयू में परिवर्तन तक पार्टी के हर कार्यक्रम में जदयू के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़ कर काम कर उसे सफल बनाने में अपनी भागीदारी निभाई। इनमें से कई जदयू नेता और कार्यकर्ताओं के बागी तेवर खगड़िया के शहर मंडप विवाह भवन में देखे गए। मंडप विवाह भवन में शायद ये पहली बार हुआ कि मिलन की जगह अलगाव का कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां पार्टी के कई पुराने कार्यकर्ता पार्टी के जिलाध्यक्ष व प्रदेश नेतृत्व पर आरोपों की बौछार करते नजर आए।
जिस जंगल राज की दुहाई देकर नीतीश कुमार बिहार के सत्ता में आए, आज उसी जंगल राज की शरण में चले गए। पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस बात की दुहाई देते हुए सोमवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया। अब ये सभी 101 सदस्य आगामी 26 अप्रैल को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष की मौजूदगी में भाजपा का दामन थामेंगे।
कल तक बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और जदयू का गुणगान करने वाले पार्टी के नेता दीपक सिन्हा ने बागी तेवर दिखाते हुए कहा कि वे दिन चले गए जब जदयू में कार्यकर्ताओं को सम्मान दिया जाता था। उन्होंने कहा कि जबसे वर्तमान जिलाध्यक्ष बबलू मंडल के हाथ में जिला की कमान दी गई, तब से दिनों दिन खगड़िया में जदयू के नेताओं और कार्यकर्ताओं को सम्मान मिलना बंद हो गया।
वहीं, जदयू के जिला उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह ने कहा कि जिलाध्यक्ष भी चुनने का अधिकार जिला के कार्यकर्ताओं को जब नहीं रहा तो इससे बड़ा अपमान और क्या होगा। जिलाध्यक्ष के चुनाव की तारीख मुकर्रर कर चुनाव प्रक्रिया के बीच चुनाव को स्थगित करना और प्रदेश नेतृत्व द्वारा मनमाने ढंग से जिलाध्यक्ष मनोनीत कर देना, कहीं से सैध्दांतिक नहीं माना जाएगा।
सुमन पटेल ने कहा कि मैं समता पार्टी के गठन के समय से कल तक साथ था। पहले कार्यकर्ताओं की सुनी जाती थी। उसके हर दुख-सुख में प्रदेश के साथी व अभिभावक शामिल होते थे। शिकायत करने पर गोपनीय तरीके से जांच होती थी। जदयू में अब वह बात नहीं रही। इससे आज सैकड़ों जदयू कार्यकर्ता अंदर से घुटन महसूस करते हैं।
वहीं, बछौता के पूर्व मुखिया सह जदयू नेता सुनील कुमार ने कहा कि कई जदयू के संघर्षशील साथियों की मौत हो गई। उनके परिवार आज किस स्थिति में हैं, कहा नहीं जा सकता। मगर प्रदेश नेतृत्व या स्थानीय जबावदेह नेताओं ने उन साथियों के परिवार की मदद तो दूर दिलासा देना तक उचित नहीं समझते हैं। ऐसे में पार्टी में रहना, नहीं रहना; सब बराबर है।
विक्रम यादव ने कहा कि खगड़िया में जदयू मुट्ठी भर लोगों के चंगुल में फंसकर रह गया है। आज सैकड़ों लोग भाजपा जाने के लिए तैयार हैं। इसका सारा श्रेय वर्तमान जिलाध्यक्ष को जाता है। मौके पर अन्य दर्जनों जदयू के कार्यकर्ताओं और महिला प्रकोष्ठ की कार्यकर्ताओं ने अपनी-अपनी व्यथा सुनाते हुए भाजपा में जाने की बात कही।