मुजफ्फरपुर में सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने जाली नोट के रैकेट के एक सदस्य को 10 लाख के नकली नोटों के साथ पकड़ा है। एसएसबी के अधिकारी पहले से ही उस शख्स के पीछे लगे थे और मंगलवार सुबह ग्राहक बनकर उन्होंने उसे गिरफ्तार किया।
पकड़े गए शख्स की पहचान पहचान मुजफ्फरपुर के लक्ष्मी चौक बैरिया निवासी जवाहर साह के बेटे प्रमोद के रूप में की गयी है।
जाली नोट के साथ हुई इस गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए कमांडेंट नीरज चंद ने बताया कि कोलकाता से कागज लाकर मुजफ्फरपुर में नोट छापा जा रहा है। इसमें राजू नामक एक और व्यक्ति का नाम भी सामने आया है।
कमांडेंट ने बताया कि प्रमोद ने स्वीकारा है कि वह पहले भी कई बार नकली नोटों को भारत के अलावा नेपाल में खपा चुका है। पूछताछ के बाद प्रमोद को कस्टम कार्यालय मुजफ्फरपुर के हवाले कर प्राथमिकी दर्ज की जायेगी।
जानकारी के मुताबिक प्रमोद मुजफ्फरपुर में जाली नोट छापने के बाद बिहार के विभिन्न हिस्सों और नेपाल में भी उन्हें खपाता था। इसी दौरान बॉर्डर की गतिविधियों पर नजर रख रहे एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट नीरज चंद व राजन राय को प्रमोद पर शक हो गया।
तब एसएसबी ने एक योजना के तहत उसे पकड़ने का निर्णय किया। प्रमोद का मोबाइल नंबर पता करके दोनों अधिकारियों ने ग्राहक बन कर उससे संपर्क किया। अधिकारियों ने प्रमोद से नकली नोट की सप्लाई करने की डील की।
दोनों अधिकारी तीन दिन से प्रमोद से नोट की सप्लाई देने का आग्रह कर रहे थे। प्रमोद ने उन्हें दो बार बुलाया लेकिन वह खुद भूमिगत हो गया। तीसरी बार मंगलवार को संपर्क करने पर प्रमोद ने अधिकारियों को मुजफ्फरपुर-दरभंगा हाइवे पर आने को कहा।
वहां प्रमोद मोटरसाइकल पर एक अन्य व्यक्ति के साथ पहुंचा। शक होने पर दूसरा व्यक्ति प्रमोद को छोड़ कर भाग गया। लेकिन प्रमोद को पकड़ लिया गया। पकड़ में आने के बाद प्रमोद ने अपने फरार साथी बैरिया लक्ष्मी चौक निवासी लाल महतो के पुत्र उमेश का नाम भी बता दिया है।