घंटों समझाते रहे अधिकारी
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रेलवे और प्रशासनिक अधिकारी घंटों समझाते रहे
लगभग 2 बजे अब ट्रेन खुलने के लिए तैयार थी, इसी बीच एकत्रित अत्यधिक भीड़ ने सीमांचल एक्सप्रेस, मधुबनी समर स्पेशल, परीक्षा विशेष ट्रेन और एक मालगाड़ी को ट्रैक जाम कर जबरन रोक दिया। अभ्यर्थी ट्रेन के अंदर नहीं बल्कि रेलवे पटरी पर आ गए थे। रेलवे पटरी पर आकर प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र को स्थानीय स्तर पर आवंटित करने तथा परीक्षा को स्थगित या रद्द करने की मांग करने लगे। तब तक रेलवे पुलिस के साथ-साथ आसपास के थाना की पुलिस को भी बुला लिया गया। जीआरपी, आरपीएफ, जिला प्रशासन एवं पुलिस के वरीय अधिकारीगण भी मौके पर पहुँच गए थे। यहां तक कि पटना के डीएम भी आ चुके थे। सभी अधिकारियों के द्वारा प्रदर्शनकारियों को लगातार समझाने-बुझाने की मैराथन कोशिश की गई, परंतु उपद्रवी शांत होने के लिए तैयार नहीं थे। उनकी मंशा बस यही थी कि हंगामा कर परीक्षा को रद्द करवा दिया जाए। इस हंगामे की वजह से अन्य ट्रेनों का परिचालन भी बाधित हो गया।
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रोड़ेबाजी के बाद की तस्वीर
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अचानक करने लगे रोड़ेबाजी
इसी बीच, भीड़ में शामिल कुछ असामाजिक व उपद्रवी तत्वों ने अचानक पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों पर पथराव करना शुरू कर दिया। इस हिंसक पथराव में कई पुलिस पदाधिकारी व पुलिस कर्मी घायल हो गए। प्लेटफॉर्म पर स्थित दुकान के साथ-साथ कार्यालय के भी शीशे टूट गए। सरकारी संपत्ति को भी काफी क्षति पहुँची। प्लेटफार्म पर मौजूद आम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आंसू गैस के 08 गोले छोड़े। स्थिति इतनी भयावह हो गई कि पुलिस को मजबूरन हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। काफी कोशिश के बाद भीड़ को तितर-बितर किया जा सका और फिर स्थिति पर पूर्ण नियंत्रण पाया जा सका।
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सुरक्षा में लगे अधिकारी
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कुछ अभ्यर्थियों की इस मंशा से हुआ हंगामा
इस संबंध में पुलिस अधिकारी ने बताया कि अभ्यर्थियों को लगभग दस बजे से लेकर समझाना शुरू किया गया जो लगभग 4 बजे तक चला, लेकिन अभ्यर्थी मानने के लिए तैयार ही नहीं थे। उन्होंने बताया कि मुख्या बात यह थी कि उस भीड़ में कई अभ्यर्थी यह कह रहे थे कि पहली पाली की परीक्षा जब छुट जाएगी तो दूसरी पाली के अभ्यर्थी परीक्षा में क्यों शामिल होंगे? इसलिए पूरे परीक्षा को ही रद्द किया जाए। हालांकि हंगामे की सूचना पर आये वरीय अधिकारी लगातार इस बात को कहते रहे कि किसी की परीक्षा नहीं छूटेगी, आपलोग इन ट्रेनों से जाईए। लेकिन भीड़ में छुपे हुए कुछ ऐसे लड़के भी थे जो जानबूझकर इस बात की कोशिश कर रहे थे कि हंगामा हो जाए ताकि परीक्षा रद्द हो सके। पथराव और उपद्रव में शामिल 06 अभियुक्तों को पुलिस ने खदेड़कर गिरफ्तार किया है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य उपद्रवियों की पहचान की जा रही है तथा उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी कि जा रही है। सुबह लगभग 06:20 बजे तक सभी ट्रेनें अपने गंतव्य के लिए रवाना कर दी गई थी।
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