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Bihar : देश के दिग्गज कार्डियोलॉजिस्ट पहुंचे पटना, हृदय रोग विशेषज्ञों ने साझा किए आधुनिक चिकित्सा के गुर

Sun, 14 Jun 2026 04:13 PM IST
Krishan Ballabh Narayan न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

 पिछले दो दशकों में हृदय रोगियों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है और आज दुनिया के लगभग 30 से 40 प्रतिशत हृदय रोगी भारत में हैं। कैथेटर आधारित नवीन इंटरवेंशनल तकनीकों के आने से अब अधिकांश मरीजों को ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ती। 
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कार्यक्रम में उपस्थित नामी चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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तकनीकी प्रगति ने चिकित्सा क्षेत्र को क्रांतिकारी बना दिया है। कैथेटर आधारित नवीन इंटरवेंशनल तकनीकों के आने से अब अधिकांश मरीजों को ओपन हार्ट सर्जरी की आवश्यकता नहीं पड़ती। जटिल से जटिल बीमारियों का इलाज अब कैथ लैब में ही संभव हो गया है। उक्त बातें कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया के बिहार चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. संजीव कुमार ने कही। इस संबंध में उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों में हृदय रोगियों की संख्या में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है और आज दुनिया के लगभग 30 से 40 प्रतिशत हृदय रोगी भारत में हैं।

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हार्ट अटैक में गोल्डन ऑवर का महत्व
इस मौके पर उपस्थित मुख्य अतिथि डॉ. चटर्जी ने कहा कि बिहार में इस स्तर के सम्मेलन का आयोजन यह दर्शाता है कि यहाँ इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की सुविधाएं तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में यदि मरीज को गोल्डन ऑवर के भीतर प्राथमिक एंजियोप्लास्टी और स्टेंट की सुविधा मिल जाए, तो न केवल मरीज की जान बचती है बल्कि हार्ट भी पहले की तरह मजबूत रहता है। कोच्चि से आए देश के विख्यात पीडियाट्रिक कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. कृष्ण कुमार आर ने बताया कि इंटरवेंशन और कैथ लैब तकनीक की मदद से बच्चों के दिल में छेद होना या मुख्य नलियों का उल्टा होने जैसी जटिल संरचनात्मक गड़बड़ियों का इलाज भी अब बिना किसी चीर-फाड़ के, आधुनिक उपकरणों के जरिए आसानी से किया जा रहा है।

हर क्षेत्र में 24 घंटे कैथ लैब की आवश्यकता
आयोजन अध्यक्ष डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि डॉक्टरों का समाज के प्रति यह दायित्व है कि वे आपात स्थितियों के लिए चौबीसों घंटे तत्पर रहें। राज्य के प्रत्येक क्षेत्र में 24 घंटे कैथ लैब सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए  कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया बिहार चैप्टर और बिहार सरकार मिलकर प्रयास कर रहे हैं, जिसके तहत कई नए केंद्र खोले जा रहे हैं।
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सम्मानित होते चिकित्सक - फोटो : अमर उजाला
सम्मेलन के साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. शाहीन अहमद के नेतृत्व में वैज्ञानिक सत्र दोके दौरान कई गंभीर और आधुनिक विषयों पर विशेषज्ञों ने परिचर्चा की। इस मौके पर चंडीगढ़ के डॉ. राजेश विजयवर्गीय ने बताया कि इन तकनीकों की मदद से बुजुर्गों, डायबिटीज या किडनी के गंभीर मरीजों में बिना ओपन हार्ट सर्जरी के कैथेटर के जरिए ही सफलतापूर्वक हार्ट वाल्व बदला जा रहा है। कोलकाता के डॉ. देवब्रत भट्टाचार्य ने लाइव अल्ट्रासाउंड तकनीक के माध्यम से कोरोनरी आर्टरी में जमे कठिन कैल्शियम और ब्लॉकेज के सटीक इलाज की प्रक्रिया समझाई। इस विषय पर रांची के डॉ. विनीत कुमार, हैदराबाद के डॉ. शरद रेड्डी, रायपुर के डॉ. गौरव त्रिपाठी और पटना के डॉ. अद्वैत आकाश ने विस्तृत चर्चा की। इस अवसर पर राज्य के कई वरिष्ठ चिकित्सक जैसे डॉ. यू.सी. सामल, डॉ. बी.पी. सिंह, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अजीत प्रधान, डॉ. प्रवीर सिन्हा, डॉ. वी.पी. सिन्हा, डॉ. निशान्त त्रिपाठी, डॉ. यू.एन. सिंह एवं डॉ. अभिनव भगत मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
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