बिहार के सीवान जिले के आलमापुर गांव में पटाखा बनाते समय एक फैक्टरी में भीषण धमाका हुआ। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। लोग घरों से बाहर निकल आए। धमाका इतना तेज था कि आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।
शुरुआत में मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में अभी तक आठ लोगों की मौत की सूचना है। वहीं, कुछ घंटे बाद सीवान एसपी भरत सोनी ने पांच लोगों की मौत की पुष्टि की है। कई लोगों के घायल होने की भी आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने बताया कि घटनास्थल के आसपास अभी-भी विस्फोट हो रहे हैं। लगातार धमाकों के कारण राहत व बचाव दलों को अंदर जाने में मुश्किल हो रही है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इलाके की घेराबंदी की जा रही है। पुलिस के जवान भीड़ को मौके से हटा रहे हैं।
डेढ़ घंटे तक रुक-रुककर ब्लास्ट हुआ
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि करीब डेढ़ घंटे तक रुक-रुक कर ब्लास्ट होने से एक मकान पूरी तरह ध्वस्त हो गया। इस घटना में कई लोगों के शरीर के टुकड़े जहां-तहां बिखरे मिले हैं। धमाके रुकने के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। इस बीच क्षत-विक्षत शवों को देख लोगों की रूह कांप उठी। एक परिवार के मां, पिता और बेटी की मौत की बात सामने आ रही है।
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सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंच गई है। सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता और महाराजगंज एसडीपीओ अमन भी घटनास्थल पर पहुंचे हैं। बड़हरिया, जामो और गोरेयाकोठी सहित कई थानों की पुलिस भी मौके पर मौजूद है।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
थाना प्रभारी से बातचीत में बताया गया कि घटनास्थल पर राहत एवं बचाव अभियान जारी है। दमकल की कई गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और आग पर काबू पाने के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन की प्राथमिकता आग बुझाने, मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने और स्थिति को नियंत्रित करने की है। थाना प्रभारी के अनुसार, रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने और स्थिति सामान्य होने के बाद ही मृतकों एवं घायलों की वास्तविक संख्या स्पष्ट हो सकेगी।
अवैध फैक्ट्री में विस्फोट की आशंका
स्थानीय लोगों का दावा है कि संबंधित पटाखा फैक्ट्री कथित तौर पर बिना लाइसेंस के संचालित की जा रही थी। हालांकि, फैक्ट्री के लाइसेंस और संचालन की वैधता को लेकर प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। यदि बिना जरूरी अनुमति के पटाखों का निर्माण किया जा रहा था, तो यह सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल पुलिस, दमकल विभाग और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं। हादसे के कारणों, फैक्ट्री के संचालन और जान-माल के नुकसान की वास्तविक स्थिति का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।