बेटियों ने बढाया हौसला
अर्पिता ने बताया कि हमारी दैनिक स्थिति लगातार कमजोर हो रही थी जो हमारे हौसले को बुलंद कर रही थी । हमने उस पल को चुनौती के साथ जिया जिसका नतीजा यह हुआ कि मेरी दीदी ने सशरं पढाई कर स्नातक पास कर लिया। मेरी छोटी बहन सौम्या नवोदय में चयनित होकर अभी दसवीं (सीबीएससी) की परीक्षा दी है । और मैं सिमुरतल्ला से बिहार टॉप हुई हूं।
अब IAS बनकर करना चाहती हैं देश की सेवा
बिहार टॉपर अर्पिता ने आज 478 अंक लाकर न सिर्फ अपने माता पिता बल्कि अपने समाज से लेकर पुरे बिहार मेंम अपना नाम रौशन की हैं । अब वह भारतीय प्रशासनिक सेवा का लक्ष्य लेकर चल रही है, हालांकि इससे पहले वह आईआईटी से इंजीनियरिंग भी करना चाहती है।