बिहार की ढिलाई के चलते राज्य में नक्सलवाद के नए सिरे से कसते शिकंजे से चिंतित केंद्र ने नीतीश सरकार की जमकर खिंचाई की है।
गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राज्य सरकार को खत लिख कर कहा है कि सूबे में नक्सली अनियंत्रित हो गए हैं। उनके मुताबिक राज्य के पुलिस नेतृत्व की बेरुखी के चलते पुलिस और नक्सल विरोधी अभियान के लिए तैनात केंद्रीय बलों के बीच तालमेल बुरी तरह बिगड़ गया है।
गृहमंत्रालय के मुताबिक इस हालात के लिए बिहार सरकार की नक्सल विरोधी अभियान के प्रति बेरुखी जिम्मेवार है।
शिंदे ने चिट्ठी में कहा है कि राज्य जल्द से जल्द दूसरे राज्यों के सफल मॉडल को अपना कर नक्सलियों को काबू करने की ठोस योजना तैयार करे। मंत्रालय को अंदेशा है कि राज्य सरकार के ढीले रवैये का फायदा उठाकर नक्सली जहानाबाद जैसे बड़े हमले कर सकते हैं।
गौरतलब है कि पिछले छह महीनों में बिहार में नक्सलियों ने छह पुलिस वालों की गोली मार कर हत्या कर दी और एके-47 व एंसास जैसे घातक हथियार लूट लिए।
गृहमंत्रालय को मिले आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक साल में नक्सलियों ने सात प्रभावित राज्यों से करीब 75 हथियार लूटे।
बिहार में नक्सली हमला, 7 पुलिसकर्मियों की मौत
जिनमें करीब 40 सिर्फ बिहार से है। गृहमंत्रालय के नक्सल मैनेजमेंट विभाग के अधिकारी के मुताबिक बिहार में जिस तरह से पुलिस वालों की हत्याएं हुई हैं उससे साफ लगता है कि नक्सलियों में सरकार का डर खत्म हो गया है।
ऐसे में वहां तैनात केंद्रीय बल लाचार होकर हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। इस हालात की वजह से दूसरे राज्यों में की जा रही सख्ती भी बेमानी साबित हो रही है। अधिकारी के मुताबिक अगर बिहार सरकार का यही रवैया रहा तो वहां तैनात बलों को वापस बुलाने का फैसला भी लिया जा सकता है।