खफा चल रहे भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने रविवार को इशारा कर दिया कि स्थिति चाहे जैसी भी हो, वे 2019 लोकसभा चुनावों में पटना साहिब सीट से ही उतरेंगे। शत्रुघ्न यहां शनिवार रात को बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री व राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजप्रताप यादव की शादी में शामिल हुए थे। अटल बिहारी वाजपेयी की राजग सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके शत्रुघ्न अपने मूल जन्मस्थान पटना साहिब से 2014 लोकसभा चुनाव में जीतकर लगातार दूसरी बार सांसद बने थे।
शत्रुघ्न सिन्हा ने रविवार को कहा, लोकेशन (लोकसभा क्षेत्र की) वही रहेगी, फिर चाहे स्थिति जैसी भी हो। अभिनेता से नेता बने शत्रुघ्न सिन्हा का ये बयान तब आया है, जब सिन्हा की तरफ से लगातार शीर्ष भाजपा नेतृत्व और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आक्रामक बयान दिए जाने के कारण ये बहस शुरू हो गई है कि भाजपा 2019 आम चुनाव में उन्हें मैदान में उतारेगी या नहीं।
जब उनसे तेज प्रताप की शादी में शामिल होने को किसी छिपे हुए संदेश के तौर पर आंके जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने साफ कहा, ये भावनात्मक लगाव है और इसमें कम से कम अभी कोई राजनीति नहीं देखी जाए। हम पारिवारिक मित्र हैं और ऐसे आयोजनों पर एक-दूसरे के यहां जाना हमारे संस्कारों का हिस्सा है।
सुशील मोदी दे चुके हैं पार्टी छोड़ने की नसीहत
बिहार के उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी कुछ दिन पहले ट्वीट में लिख दिया था, भगवा पार्टी के शत्रु (दुश्मन) को निकाले जाने का इंतजार करने के बजाय खुद ही इस्तीफा दे देना चाहिए। माना गया था कि इस ट्वीट के जरिए मोदी ने शत्रुघ्न पर ही निशाना साधा है, जिन्होंने उससे ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधकर पार्टी छोड़ने वाले पूर्व भाजपा नेता यशवंत सिन्हा के साथ एक कार्यक्रम में मंच शेयर किया था। ‘बिहारी बाबू’ के नाम से मशहूर शत्रुघ्न सिन्हा और पार्टी नेतृत्व के बीच 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव के लिए उनकी अनदेखी किए जाने के बाद से ही रार छिड़ी हुई है।