दिमागी बुखार से बच्चों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। अकेले मुजफ्फरपुर में गुरुवार को 5 और बच्चों की मौत हो गई। मुजफ्फरपुर में सबसे ज्यादा 119 बच्चों की मौत हुई है। अब तक इस बीमारी से राज्यभर में हुई मौतों का आंकड़ा 153 तक पहुंच गया है। सिर्फ मुजफ्फरपुर के सरकारी अस्पताल में अब तक 120 बच्चों की मौत हो चुकी है।
इस बीमारी से अबतक 500 से ज्यादा बच्चे प्रभावित हुए हैं। भागलपुर की बात करें तो चार बच्चों की मौत हुई है जिमसें तीन बच्चों की सरकारी अस्पताल में मौत हुई है, जबकि चौथे बच्चे की देर रात अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में मौत हो गई।
इधर, 11 बच्चों की मौत के बाद वैशाली जिले के हरिवंशपुर गांव से लोग पलायन करने लगे हैं। अन्य प्रभावित गांव से भी लोग दूसरे स्थान के लिए जाते देखे जा रहे हैं। इसबीच भाजपा के राज्यसभा सांसद सीपी ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर बिहार आने का आग्रह किया है। उन्होंने लिखा है कि बुखार की स्थिति का जायजा लेने वे बिहार आएं और मुजफ्फरपुर का दौरा करें। उन्होंने मृतक और पीड़ित बच्चों के परिजनों को आर्थिक मदद देने का भी आग्रह किया।
बिहार में मासूमों पर मौत बन कर टूट रहे 'चमकी बुखार' के कहर के बीच नेता, अभिनेता और अन्य वीआईपी प्रोफाइल के लोगों ने इसे तुष्टिकरण और अपना 'पीआर' चमकाने का माध्यम बना लिया है। एक तरफ एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम से केवल मुजफ्फरपुर में 117 मासूमों की मौत हो चुकी है, वहीं नेता और अभिनेता अस्पताल पहुंच कर मजमा लगाने से बाज नहीं आ रहे हैं।
बड़ी संख्या में वाहनों के साथ अस्पताल पहुंच रहे अभिनेता और नेताओं के काफिले से पीड़ितों और मरीजों को कोई राहत तो नहीं ही पहुंच रही, बल्कि और ज्यादा परेशानी हो रही है। गुरुवार को भी शरद यादव और भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव के पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।
वाहनों का काफिला लेकर पहुंचे शरद, अफरा-तफरी
लोकतांत्रिक जनता दल के नेता शरद यादव गुरुवार को दर्जन भर से ज्यादा गाड़ियों के काफिले के साथ श्री कृष्णा मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (एसकेएमसीएच) पहुंचे। अस्पताल के बाहर वाहनों की कतार लगने से बीमारों और तीमारदारों का अंदर प्रवेश कर पाना भी मुश्किल हो गया।
स्थानीय खबरों के अनुसार, मरीजों के परिजनों को इससे परेशानी हुई। उनका कहना था कि सहानुभूति और आश्वासन के अलावा उन्हें कुछ नहीं मिल रहा। वहीं, कुछ माता-पिता अपने बच्चे की हालत में सुधार नहीं आने से चिंतित थे।
नीतीश सरकार पर साधा निशाना
शरद यादव ने अस्पताल का दौरा किया और पदाधिकारियों संग बातचीत की। उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर तैयारी ठीक होती तो इतनी बड़ी संख्या में मासूमों की मौत नहीं हुई होती। उन्होंने इतने बड़े काफिले के साथ अस्पताल पहुंचने से हुई परेशानियों पर अफसोस जताया। कहा कि उन्होंने अपने कार्यक्रम के बारे में किसी से बताया नहीं था।