बिहार में 49 पुलिस निरीक्षकों (इंस्पेक्टर) को पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के पद का अस्थायी कार्यकारी प्रभार दिया गया है। गृह विभाग की आरक्षी शाखा ने 14 अक्तूबर 2026 को इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। यह व्यवस्था अस्थायी स्थानापन्न कार्यकारी व्यवस्था नियमावली 2023 और सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत की गई है। गृह विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, पुलिस निरीक्षक एवं समकक्ष कोटि के अधिकारियों को बिहार पुलिस सेवा के पुलिस उपाधीक्षक (मूल कोटि) के वेतन स्तर-9 के साथ उच्चतर पद का प्रभार दिया गया है।
नालंदा, पटना, भोजपुर समेत कई जिलों के अधिकारी शामिल
गृह विभाग की ओर से जारी सूची में नालंदा, पटना, भोजपुर, सारण, जहानाबाद, वैशाली, कटिहार, सुपौल, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, गया, मधुबनी, किशनगंज, अररिया, रोहतास, बक्सर, औरंगाबाद और अन्य जिलों से जुड़े अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इनमें अरुण कुमार, शालीग्राम कुमार, संजय कुमार सिंह, भवेश कुमार मंडल, जितेंद्र कुमार सिंह, विजय कुमार, संतोष कुमार सिंह, वैजनाथ कुमार, विश्वरंजन सिंह, शशि भूषण चौधरी, जयकांत साव, धनंजय कुमार, विमल कुमार, उमाशंकर राय, अरविंद कुमार, अजय कुमार, अजीत कुमार, मुकेश चंद्र कुमार, मोहन कुमार, रविंद्र कुमार, विश्वनाथ भगत, संजय कुमार गुप्ता, अभय कुमार सिंह और राम शंकर सिंह, दिलीप कुमार-2, राम विलास सिंह, संगीता कुशवाहा, किशोरी सहचरी, सचिंद्र यादव, सतीश कुमार सिंह, जितेंद्र कुमार-1, वीरेंद्र प्रसाद यादव, वेदनाथ पाठक वैदिक, कमल किशोर सिंह, ओम प्रकाश, सीमा कुमारी, धर्मेंद्र कुमार, दिलीप कुमार, राजेश्वर प्रसाद-2, विजय कुमार सिंह, अबरार अहमद खां, सौम्य प्रियदर्शी, सुभाष वैद्यनाथन, राकेश रंजन सिंह, संजय कुमार-1, कुमारी वंदना, अजय कुमार सिंह, निशिकांत निशि और अनिल कुमार सिन्हा के नाम शामिल हैं।
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नियमावली और एसओपी के तहत हुई कार्रवाई
अधिसूचना में सामान्य प्रशासन विभाग की 13 अक्तूबर 2023 की अधिसूचना संख्या 19300 और 11 जून 2026 को जारी एसओपी का हवाला दिया गया है। गृह विभाग के मुताबिक, राज्य के प्रशासनिक हित में पद सोपान के तहत उच्चतर पद का प्रभार देने की व्यवस्था की गई है। इस आदेश के तहत संबंधित पुलिस निरीक्षक डीएसपी के पद का अस्थायी कार्यकारी प्रभार संभाल सकेंगे। इन्हें लेवल नौ के आधार पर वेतन दिया जाएगा। इसे नियमित या स्थायी प्रोन्नति के समान नहीं माना जाना चाहिए।