सारण जिले के मशरख, पानापुर और मढ़ौरा इलाकों में जहरीली शराब पीने से हुई सात लोगों की मौत के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है। इसके बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सारण पुलिस और विशेष जांच टीम (एसआईटी) ने ताबड़तोड़ छापामारी कर कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि कुछ मुख्य आरोपियों ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया है।
दो एसआईटी कर रहीं ताबड़तोड़ कार्रवाई
सारण के पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष के अनुसार, जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों के बाद गठित दो एसआईटी टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं। पिछले 24 घंटों में 60 से अधिक स्थानों पर छापामारी की गई है, जिनमें 12 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। इस दौरान पुलिस ने सैकड़ों लीटर देसी शराब और कच्चा स्प्रिट बरामद किया। साथ ही शराब निर्माण में लगे उपकरणों को भी जब्त किया। पुलिस ने लगभग 11,000 लीटर अर्धनिर्मित शराब को नष्ट करते हुए 15 शराब की भट्टियों को ध्वस्त किया है।
शराब कांड में मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी
शराब कांड में मुख्य आरोपी सिकंदर सिंह उर्फ मंटू सिंह को पुलिस ने 19 अक्तूबर को गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा, तीन अन्य आरोपियों ने छपरा व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण करने वालों में मोतीलाल राय, रवींद्र साह और छोटी मांझी शामिल हैं। पुलिस ने अन्य आरोपियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई जारी रखी है।
अब तक सात लोगों की हो चुकी मौत
शराब से जुड़ी इस घटना में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई लोग अस्पताल में भर्ती हैं। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मशरख थाना क्षेत्र में 16 अक्तूबर से लेकर अब तक कई व्यक्तियों की जहरीली शराब पीने से मृत्यु हो चुकी है। इस संबंध में मशरख थाना कांड संख्या-578/24 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने अवैध शराब की आपूर्ति रोकने और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए दो स्तरों पर विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया था, जो अब तक कई अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चुकी है।
सख्त कार्रवाई और आगे की योजना
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पुलिस लगातार शराब के अवैध निर्माण, बिक्री और तस्करी पर नकेल कस रही है। अब तक जिले में 1,300 लीटर देसी शराब, तीन लीटर विदेशी शराब और 27 लीटर स्प्रिट जब्त की गई है। इस कार्रवाई के तहत कुल 21 शराब की भट्टियां ध्वस्त की गई हैं, और 1,500 लीटर अर्धनिर्मित शराब नष्ट की गई है।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए और आत्मसमर्पण करने वाले सभी आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जाएगी और मामले की तह तक पहुंचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।