बिहार में गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर के बीच सारण जिले के तरैया प्रखंड में रिंग बांध टूट गया। चंचलिया-पचरौर पंचायत की सीमा पर राजधानी-आकूचक गांव के पास अचानक रिंग बांध टूटते ही गंडक नदी का पानी तेज रफ्तार से आबादी की ओर फैलने लगा। देखते ही देखते राजधानी, आकूचक, चंचलिया, भलुआ सहित आसपास के कई गांवों के निचले इलाकों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया। घरों में अचानक बाढ़ का पानी घुसने से ग्रामीणों के बीच अफरा-तफरी मच गई।
पानी का बहाव इतना तेज था कि लोगों को घरों से जरूरी सामान निकालने तक का पर्याप्त मौका नहीं मिला। घरों में पानी प्रवेश करने के बाद ग्रामीणों ने चौकी और खाट को ऊंचा कर अनाज, कपड़े, बर्तन और दूसरे घरेलू सामान को बचाने का प्रयास किया।
बढ़ते जलदबाव में टूटा सुरक्षा कवच:
रिंग बांध माधोपुर, भलुआ, चंचलिया, राजधानी और आकूचक सहित सारण तटबंध के निचले इलाके में बसे कई गांवों के लिए सुरक्षा कवच के रूप में काम करता था। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ मुख्य सारण तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ रहा था। इसका असर रिंग बांध पर भी लगातार बना हुआ था। ग्रामीणों ने बताया कि बांध में कहीं रिसाव की सूचना मिलने पर गंडक विभाग के पदाधिकारी और कर्मी मौके पर पहुंचकर उसे दुरुस्त करने का प्रयास करते थे। लेकिन इसके बावजूद बढ़ते जलदबाव के बीच बांध टूट गया और पानी तेजी से गांवों की ओर फैलने लगा।
ये भी पढ़ें- बिहार: गयाजी में पिंडदान के बीच सेवा की मिसाल, पंजाब के सेवादारों का लंगर; रोज पांच हजार श्रद्धालुओं को भोजन
बढ़ते पानी के कारण बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना मजबूरी: ग्रामीण
बांध टूटने के बाद चंचलिया, भलुआ, राजधानी और आकूचक सहित आसपास के गांवों में संकट गहरा गया है। प्रभावित परिवारों ने प्रशासन से तत्काल नाव, भोजन, पेयजल और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी तेजी से फैल रहा है, इसलिए बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के लिए तत्काल राहत-बचाव अभियान चलाने की जरूरत है। पानी लगातार बढ़ता देख कई परिवार घर छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। कई घरों में रखा अनाज और घरेलू सामान पानी की चपेट में आ गया है।
रिंग बांध टूटने से दहशत में ग्रामीण
रिंग बांध टूटने से दहशत में ग्रामीण
रिंग बांध टूटने से दहशत में ग्रामीण