सिवान के दरौंदा में जाम की समस्या और सड़क दुर्घटनाओं से निजात दिलाने के लिए एनएचएआई ने बुधवार को बड़ा अभियान चलाया। महाराजगंज रेलवे ढाला से लेकर प्रखंड कैंपस तक सड़क किनारे फैले अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और प्रशासन के बीच तीखी नोकझोंक हुई। आक्रोशित दुकानदार बुलडोजर पर चढ़ गए और आत्मदाह की धमकी देने लगे।
सुबह 10 बजे शुरू हुई कार्रवाई, मचा हड़कंप
एनएचएआई की टीम पुलिस बल के साथ सुबह करीब 10 बजे दरौंदा पहुंची। सबसे पहले रेलवे ढाला से प्रखंड कार्यालय तक सड़क और फुटपाथ पर कब्जा जमाए ठेले, अस्थायी काउंटर, फल-मिठाई की दुकानों के आगे निकाले गए टिनशेड, विज्ञापन बोर्ड और अवैध निर्माणों को ध्वस्त किया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से दुकानदारों में हड़कंप मच गया। कई दुकानदारों ने आनन-फानन में खुद ही अपना सामान हटाना शुरू कर दिया।
जाम और हादसों से राहत के लिए चला अभियान
एनएचएआई के अधिकारियों ने बताया कि लंबे समय से रेलवे ढाला से ब्लॉक कैंपस तक दुकानदारों ने दुकानों के बाहर सामान रखकर और अस्थायी ढांचे खड़े कर सड़क की चौड़ाई आधी कर दी थी। इससे रोजाना घंटों जाम लगता था। स्कूली बच्चों, एंबुलेंस और राहगीरों को भारी परेशानी होती थी। बार-बार चेतावनी के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा था।
बुलडोजर पर चढ़े दुकानदार, जमकर हुआ हंगामा
कार्रवाई के दौरान कई दुकानदारों ने इसका विरोध किया। अधिकारियों से उनकी तीखी बहस हुई। कुछ दुकानदार गुस्से में बुलडोजर पर ही चढ़ गए और जान देने की धमकी देने लगे। पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर वहां से हटाया। दुकानदारों का आरोप था कि बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई की गई, जबकि प्रशासन का कहना है कि कई बार नोटिस दिया जा चुका था।
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एनएचएआई का साफ संदेश, आगे भी जारी रहेगा अभियान
एनएचएआई ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। सड़क और फुटपाथ को अतिक्रमण मुक्त कराना ही लक्ष्य है, ताकि यातायात सुचारु हो और सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।