बिहार के गोपालगंज जिले में भ्रष्टाचार और अवैध खनन के खिलाफ जिला प्रशासन ने अब तक की बड़ी कार्रवाई की है। डीएम पवन कुमार सिन्हा के निर्देश पर जिले के खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक को खनन माफियाओं के साथ मिलीभगत के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है। इस कार्रवाई से प्रशासनिक महकमे और खनन माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, जादोपुर थाना क्षेत्र के जगीरी टोला में लंबे समय से गंडक नदी से अवैध बालू खनन धड़ल्ले से जारी था। स्थानीय स्तर पर मिल रही शिकायतों के बावजूद खनन विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही थी। जिलाधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि अवैध खनन के इस खेल में सरकारी अधिकारियों की संलिप्तता है।
जांच में यह बात सामने आई कि खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक की माफियाओं के साथ गहरी सांठगांठ थी। आरोप है कि उनकी मिलीभगत के कारण ही जगीरी टोला के घाटों की सरकारी नीलामी प्रक्रिया बाधित हो रही थी। माफिया बिना किसी बंदोबस्ती के करोड़ों रुपये के बालू की चोरी कर रहे थे, जिससे सरकार को भारी राजस्व का नुकसान हो रहा था।
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डीएम की जांच और गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीएम पवन कुमार सिन्हा ने एक विशेष जांच दल का गठन किया था। जांच रिपोर्ट में खनन निरीक्षक के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से उन्हें गिरफ्तार करने और प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। डीएम के निर्देश पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने सौरभ अभिषेक को हिरासत में ले लिया। पुलिस अब इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से अधिकारी या सफेदपोश लोग शामिल हैं।