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Bihar News: गोपालगंज में डीएम को गुमराह करने वाला माइनिंग इंस्पेक्टर गिरफ्तार, फिर थाने से हुआ फरार

Sat, 21 Mar 2026 10:22 AM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज

सार

Bihar News: बिहार में खनन माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत का एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गोपालगंज जिले में अवैध बालू खनन के आरोपी खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक को पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद वह नाटकीय ढंग से थाने से फरार हो गया।
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आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार में खनन माफिया और अधिकारियों की मिलीभगत का एक नया और चौंकाने वाला मामला सामने आया है। गोपालगंज जिले में अवैध बालू खनन के आरोपी खनन निरीक्षक सौरभ अभिषेक को पुलिस ने गिरफ्तार किया, लेकिन कुछ ही घंटों बाद वह नाटकीय ढंग से थाने से फरार हो गया। इस घटना ने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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क्या है पूरा मामला?
सदर प्रखंड के दियारा क्षेत्र में स्थित 12 बालू घाटों की इस सत्र में नीलामी नहीं हुई थी। जब जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने इस बारे में पूछताछ की, तो खनन विभाग की ओर से रिपोर्ट दी गई कि जिले में अब कोई बालू घाट बचा ही नहीं है और वे सभी अब खेती योग्य भूमि बन चुके हैं।संदेह होने पर शुक्रवार को डीएम खुद स्थलीय निरीक्षण के लिए निकले। इस दौरान आरोपी निरीक्षक सौरभ अभिषेक ने डीएम को गुमराह करने की हरसंभव कोशिश की। वह डीएम को वास्तविक बालू घाटों पर ले जाने के बजाय करीब चार किलोमीटर तक इधर-उधर घुमाता रहा।


डीएम की सख्ती और गिरफ्तारी
अधिकारी की चालाकी को भांपते हुए डीएम खुद सीधे घाटों पर पहुंच गए। वहां न केवल बड़े पैमाने पर अवैध खनन होता पाया गया, बल्कि निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि डीएम के आने की सूचना पाकर आनन-फानन में जेसीबी और डंपरों को वहां से हटाया गया था। डीएम ने इसे सरकारी कार्य में बाधा और धोखाधड़ी मानते हुए तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया।जादोपुर थानाध्यक्ष अनिल कुमार के मुताबिक, डीएम के निर्देश पर केस दर्ज कर माइनिंग इंस्पेक्टर को हिरासत में ले लिया गया था। डीएम पवन कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि नीलामी न होने के पीछे खनन निरीक्षक की संलिप्तता पूरी तरह उजागर हो गई है।
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थाने से फरारी और हड़कंप
गिरफ्तारी के बाद देर शाम खबर आई कि आरोपी निरीक्षक सौरभ अभिषेक जादोपुर थाने से फरार हो गया है। देर रात विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की। एक सरकारी अधिकारी का पुलिस अभिरक्षा से भाग जाना जिले के पुलिस प्रशासन के लिए बड़ी फजीहत का सबब बन गया है। फिलहाल पुलिस की कई टीमें फरार इंस्पेक्टर की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

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खनन माफिया से सांठ-गांठ का पुराना खेल
बिहार में यह पहला मौका नहीं है जब माफिया और अधिकारियों की जुगलबंदी सामने आई हो। इससे पहले भी कई बड़े अधिकारियों पर माफिया से संबंध रखने के आरोप में गाज गिर चुकी है। आलम यह है कि भ्रष्ट अधिकारियों की मदद से माफिया को छापेमारी की सूचना पहले ही मिल जाती है, जिससे वे बच निकलते हैं।

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