बिहार के गोपालगंज जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाते हुए सरकार ने एक बड़ी कार्रवाई की है। जिले के बलथरी चेकपोस्ट पर अवैध वसूली के गंभीर आरोप में गिरफ्तार किए गए प्रवर्तन अवर निरीक्षक हेमंत कुमार प्रसाद को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। परिवहन विभाग द्वारा जारी इस आदेश के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला गोपालगंज के कुचायकोट थाना क्षेत्र स्थित बलथरी चेकपोस्ट से जुड़ा है। लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि चेकपोस्ट पर तैनात अधिकारियों द्वारा ट्रकों और अन्य वाहनों से अवैध रूप से पैसों की उगाही की जा रही है। इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने एक विशेष रणनीति के तहत छापेमारी की थी। इस छापेमारी के दौरान प्रवर्तन अवर निरीक्षक हेमंत कुमार प्रसाद को रंगे हाथों अवैध वसूली करते हुए पकड़ा गया था।
एसपी की रिपोर्ट पर विभाग का कड़ा एक्शन
एसपी विनय तिवारी द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया था कि अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी नियमों की धज्जियां उड़ाईं और भ्रष्टाचार में संलिप्त रहे। इस रिपोर्ट को आधार बनाते हुए परिवहन विभाग ने विभागीय जांच शुरू की थी।जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद, विभाग ने हेमंत कुमार प्रसाद की कार्यशैली को सरकारी सेवक नियमावली के विरुद्ध माना। विभाग ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार जैसे गंभीर मामलों में संलिप्त अधिकारियों के लिए विभाग में कोई जगह नहीं है। इसी के परिणामस्वरूप, उन्हें तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया।
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अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं
हेमंत कुमार प्रसाद की बर्खास्तगी को भ्रष्टाचार के खिलाफ एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। गोपालगंज प्रशासन और परिवहन विभाग ने यह साफ कर दिया है कि चेकपोस्टों पर किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।