गोपालगंज जिले के कुचायकोट अंचल कार्यालय में अंचल पदाधिकारी के हड़ताल पर चले जाने से भूमि से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो गए हैं। मंगलवार को अंचल कार्यालय पहुंचे लोगों को उस समय निराश होकर लौटना पड़ा, जब उन्होंने अंचल पदाधिकारी के कक्ष पर ताला लटका हुआ पाया। इससे आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से लेकर दाखिल-खारिज, पैमाइश और भूमि परिमार्जन जैसे कई जरूरी काम ठप हो गए हैं।
अंचल पदाधिकारी के कक्ष पर लटका रहा ताला
मंगलवार को कुचायकोट अंचल कार्यालय में अंचल पदाधिकारी के कक्ष पर ताला लटका रहा। इसके कारण बड़ी संख्या में दूर-दराज से पहुंचे फरियादियों को बिना काम कराए ही वापस लौटना पड़ा। लोगों का कहना है कि अधिकारी के हड़ताल पर रहने से कार्यालय का कामकाज पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
पहले भी हड़ताल से बाधित रहा कामकाज
कार्यालय पहुंचे लोगों ने बताया कि पिछले महीने भी अंचल पदाधिकारी की हड़ताल के कारण कई दिनों तक कामकाज प्रभावित रहा था। इसके बाद प्रखंड के चार राजस्व कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने से भी सरकारी कार्य बाधित रहे थे। अब एक बार फिर अधिकारियों के हड़ताल पर चले जाने से आम लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।
आय, जाति, निवास और जमीन से जुड़े काम प्रभावित
अंचल कार्यालय में आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र से जुड़े कार्यों के साथ-साथ दाखिल-खारिज, भूमि परिमार्जन, पैमाइश और अन्य राजस्व संबंधी मामलों का निष्पादन नहीं हो पा रहा है। इसके कारण दूर-दराज के गांवों से आने वाले लोगों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
फरियादियों को बिना काम लौटना पड़ा
मंगलवार को अंचल कार्यालय पहुंचे पुरखास पंचायत के मृत्युंजय राय ने बताया कि वह अपनी भूमि के परिमार्जन के संबंध में अंचल पदाधिकारी से मिलने आए थे, लेकिन कार्यालय पहुंचने पर पता चला कि अंचल पदाधिकारी हड़ताल पर हैं और उनके कक्ष में ताला बंद है। वहीं बनकटा पंचायत के मनीष कुमार भी अपनी जमीन की पैमाइश से जुड़ी समस्या लेकर अंचल कार्यालय पहुंचे थे, लेकिन पदाधिकारी के मौजूद नहीं रहने के कारण उन्हें भी बिना काम कराए वापस लौटना पड़ा।
लोगों में बढ़ रही नाराजगी
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंचल पदाधिकारी के हड़ताल पर रहने से भूमि संबंधी कार्य पूरी तरह प्रभावित हो गए हैं और आम जनता को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। लोगों ने प्रशासन से जल्द व्यवस्था बहाल करने की मांग की है ताकि लंबित कार्यों का निष्पादन हो सके।