गोपालगंज शहर के बहुचर्चित बस स्टैंड जमीन की फर्जी जमाबंदी मामले में जिला प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। डीएम मोहम्मद मकसूद आलम ने इस मामले में तत्कालीन अंचल अधिकारी (सीओ), राजस्व अधिकारी (सीआई), कर्मचारियों और एक भू-माफिया पर प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया है। इस कार्रवाई के बाद अंचल विभाग में हड़कंप मच गया है। साथ ही जिले के अन्य प्रखंडों में भूमि मामलों में फर्जीवाड़ा करने वाले गिरोहों में खलबली मची हुई है।
यह मामला तब सामने आया जब भू-माफियाओं ने नगर परिषद के राजेंद्र बस अड्डा, जिसकी कीमत अरबों रुपये है, पर अवैध रूप से जमाबंदी करा ली थी। इस घोटाले का पर्दाफाश तब हुआ जब अमर उजाला ने गहराई से पड़ताल कर फर्जी जमाबंदी के दस्तावेजों को उजागर किया। इसके बाद प्रशासन ने तुरंत जांच का आदेश दिया और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
डीएम ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कहा कि दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम अन्य अधिकारियों के लिए भी एक सख्त संदेश होगा कि भ्रष्टाचार या अनियमितता को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिले में भूमि संबंधी मामलों में हेरा-फेरी रोकने के लिए प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।