नेपाल और वाल्मीकि नगर बैराज से छोड़े गए पानी के बाद गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। नदी के उफान पर होने के कारण सोमवार को गोपालगंज जिले के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर में अचानक हुई इस बढ़ोतरी से सदर, कुचायकोट, मांझा और बरौली प्रखंड के करीब तीन दर्जन से अधिक गांवों में नदी का पानी प्रवेश कर गया है। गांवों की बस्तियों और खेती योग्य जमीनों पर पानी फैल जाने से स्थानीय ग्रामीणों की मुश्किलें काफी बढ़ गई हैं।
ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन जारी
स्कूल परिसरों में फैला पानी
बाढ़ का असर अब गांव के आवागमन और सरकारी इमारतों पर भी दिखने लगा है। कई मुख्य और ग्रामीण सड़कें पानी में डूब चुकी हैं, जिससे जिला मुख्यालय से संपर्क कटने की कगार पर है। गंडक नदी का पानी सदर प्रखंड के रामनगर गांव स्थित सरकारी स्कूल परिसर में प्रवेश कर गया है। इसके अलावा मांझा प्रखंड के निमुइया गांव स्थित सरकारी स्कूल में भी बाढ़ का पानी भर गया है। स्कूल परिसरों में जलभराव होने के कारण बच्चों की पठन-पाठन व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
चारा और आवागमन का गहराया संकट
बाढ़ के कारण इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी भारी संकट खड़ा हो गया है। खेतों में पानी भर जाने से पशु चारे की भारी किल्लत महसूस की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। अंचलाधिकारियों और पुलिस बल को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से निचले और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और समय रहते सुरक्षित स्थलों पर चले जाने की अपील की जा रही है। ग्रामीणों को डर है कि यदि नदी का जलस्तर इसी रफ्तार से बढ़ता रहा, तो स्थिति और ज्यादा भयावह हो सकती है।
गोपालगंज के 4 प्रखंडों के तीन दर्जन गांवों में घुसा पानी, पलायन करने को मजबूर हुए लोग