प्रेमी जोड़े की शादी समारोह में शामिल पुलिस और पंचायत जनप्रतिनिधि
- फोटो : Amar Ujala
बिहार के सारण जिले से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने साबित कर दिया कि सच्ची मोहब्बत और दृढ़ संकल्प के आगे आखिरकार समाज और परिवार की दीवारें भी झुक जाती हैं। जिले के पानापुर प्रखंड मुख्यालय स्थित थाना भवन के सामने प्रसिद्ध ठाकुरबाड़ी मंदिर में शुक्रवार रात एक अनोखी शादी संपन्न हुई, जो इन दिनों पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस विवाह में न केवल वर्षों पुराने प्रेम को मुकाम मिला, बल्कि पुलिस और पंचायत प्रतिनिधियों की सकारात्मक पहल से दोनों परिवारों के बीच की दूरियां भी खत्म हो गईं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला सारण जिले के पानापुर और बनियापुर प्रखंड से जुड़ा हुआ है। बनियापुर प्रखंड के देवलखा भिट्ठी गांव की रहने वाली 23 वर्षीय युवती और पानापुर प्रखंड के मेंथौरा गांव के 26 वर्षीय युवक के बीच पिछले करीब आठ-नौ वर्षों से प्रेम संबंध था। दोनों लंबे समय से एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने का सपना देख रहे थे और शादी करना चाहते थे। हालांकि, दोनों के परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे, जिस कारण दोनों खुलकर सामने आने से कतरा रहे थे। इसी बीच मामले ने तब तूल पकड़ लिया, जब गुरुवार को युवती सीधे अपने प्रेमी के घर मेंथौरा पहुंच गई। जब इसकी भनक युवती के परिजनों को लगी तो शुक्रवार को वे भी मेंथौरा गांव पहुंच गए। दोनों पक्षों के आमने-सामने आने के बाद गांव में तनाव और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों परिवारों के बीच टकराव के आसार बनने लगे।
पुलिस और डायल-112 की सूझबूझ आई काम
स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना थाने की पुलिस को दी। सूचना मिलते ही डायल-112 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के लोगों से अलग-अलग बातचीत की और उनकी बातें सुनीं। दूसरी ओर, बालिग होने के कारण युवक और युवती अपने फैसले पर पूरी तरह अड़े रहे। दोनों हर हाल में एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की बात पर कायम रहे। युवाओं की जिद और बढ़ते विवाद को देखते हुए स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और पुलिस ने मध्यस्थता करने का बीड़ा उठाया। मामले को थाने तक ले जाया गया, जहां दोनों पक्षों के परिजनों को बैठाकर लंबी बातचीत की गई। पुलिस अधिकारियों और पंचायत के गणमान्य लोगों ने दोनों परिवारों को समझाया कि बच्चों की खुशी इसी में है और सामाजिक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए सूझबूझ से काम लेना बेहतर होगा।
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मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुई शादी
समझाइश का दौर रंग लाया और आखिरकार दोनों परिवारों का दिल पिघल गया। परिजनों ने आपसी सहमति जताते हुए इस रिश्ते को स्वीकार कर लिया। परिवार की रजामंदी मिलते ही गांव में खुशी का माहौल बन गया। इसके बाद पानापुर स्थित ऐतिहासिक ठाकुरबाड़ी मंदिर में शादी की तैयारियां शुरू हुईं। शुक्रवार रात वैदिक मंत्रोच्चार के बीच प्रेमी जोड़े ने अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और एक-दूसरे को वरमाला पहनाई। इस अनोखी शादी में पुलिसकर्मी और पंचायत प्रतिनिधि बराती और घराती की मुख्य भूमिका में नजर आए। उन्होंने न केवल विवाह की रस्मों को पूरा कराने में मदद की, बल्कि बड़े-बुजुर्गों की तरह नवविवाहित जोड़े को आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।
पूरे क्षेत्र में बनी हुई है चर्चा
इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि यदि कानून, समाज के जिम्मेदार लोग और पुलिस सकारात्मक भूमिका निभाएं तो जटिल से जटिल पारिवारिक विवादों का भी शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है। सारण की यह घटना अब सोशल मीडिया और आम लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग कह रहे हैं कि यह शादी इस बात का प्रमाण है कि सच्चा प्यार तमाम बाधाओं को पार करते हुए अंततः अपनी मंजिल पा ही लेता है।