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Bihar: सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक में गंवाई कीमती जान, समय पर इलाज न मिलने से महिला की मौत; पसरा मातम

Thu, 31 Jul 2025 03:57 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीवान

सार

Bihar: स्थानीय लोगों का कहना है कि झाड़-फूंक में काफ़ी समय बर्बाद हो गया, जिससे महिला की हालत तेजी से बिगड़ती चली गई। जब स्थिति गंभीर होने लगी तो गांव के कुछ जागरूक लोगों ने एंबुलेंस बुलवाकर उन्हें सीवान सदर अस्पताल भिजवाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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अस्पताल में मौजूद परिजन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सीवान जिले के दरौंदा थाना क्षेत्र के महाचौड़ गांव में अंधविश्वास के कारण एक महिला की जान चली गई। सांप के काटने के बाद इलाज की जगह झाड़-फूंक में समय गंवाया गया, जिससे महिला की स्थिति बिगड़ती गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान महाचौड़ निवासी मानदेव राय की 35 वर्षीय पत्नी रंजू देवी के रूप में की गई है।

जानकारी के मुताबिक, रंजू देवी गुरुवार को खेत में गाय को बांधने गई थीं। इसी दौरान उन्हें एक विषैले सांप ने काट लिया। किसी तरह वे घर पहुंचीं और परिजनों को इसकी जानकारी दी। लेकिन समय रहते इलाज कराने की बजाय परिजन उन्हें पहले गांव के ओझा के पास झाड़-फूंक कराने ले गए।

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स्थानीय लोगों का कहना है कि झाड़-फूंक में काफ़ी समय बर्बाद हो गया, जिससे महिला की हालत तेजी से बिगड़ती चली गई। जब स्थिति गंभीर होने लगी तो गांव के कुछ जागरूक लोगों ने एंबुलेंस बुलवाकर उन्हें सीवान सदर अस्पताल भिजवाया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत के बाद अस्पताल परिसर में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में शोक की लहर फैल गई है।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी अंधविश्वास किस तरह जानलेवा साबित हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, सांप के काटने पर झाड़-फूंक नहीं, बल्कि तत्काल चिकित्सा और एंटी-वेनम इंजेक्शन ही जान बचा सकता है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मांग की है कि गांव-गांव में जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को जागरूक किया जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

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