सीवान जिले में मंगलवार देर शाम घटी एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को शोक और आक्रोश में डुबो दिया। सिहौता दूधी टोला निवासी शंकर यादव के बेटे मुन्ना यादव की अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी।
भाई की हत्या की खबर सुनकर उसकी बहन मिन्ता देवी अंतिम दर्शन के लिए घर निकली थीं। लेकिन बुधवार को जी.बी. नगर थाना क्षेत्र के सलाहपुर के पास तेज रफ्तार पिकअप की चपेट में आने से उनकी भी मौत हो गई। इस दोहरी त्रासदी ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मिन्ता देवी अपने बेटे के साथ सड़क पार कर रही थीं, तभी पिकअप ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उन्हें सदर अस्पताल लाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव में मातम छा गया। मिन्ता के बेटे का रो-रोकर बुरा हाल है, जिसने अपनी मां को तड़पते देखा।
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हैरानी की बात यह है कि जिस समय मुन्ना की हत्या हुई, उस समय पास ही मौनिया बाबा मेले में डीआईजी नीलेश कुमार, एसपी मनोज कुमार तिवारी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे, जहां भोजपुरी गायिका स्वाति मिश्रा का कार्यक्रम चल रहा था। परिजनों का आरोप है कि हत्या के बाद करीब एक घंटे तक कोई पुलिस अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। बाद में एसडीपीओ अमन अनुमंडल अस्पताल पहुंचे और कार्रवाई शुरू की।
स्थानीय लोगों ने पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि अधिकारी मेले में मनोरंजन में व्यस्त थे, जबकि अपराधी हत्या कर आराम से फरार हो गए। लोगों का आरोप है कि पुलिस की इसी ढिलाई से अपराधियों का मनोबल लगातार बढ़ रहा है। यह दोहरी त्रासदी प्रशासनिक लापरवाही और अपराधियों के बुलंद हौसले की तस्वीर पेश करती है। अब देखना है कि पुलिस इस मामले का पर्दाफाश कर पाती है या यह घटना भी फाइलों में दबकर रह जाएगी।