जीरादेई विधानसभा क्षेत्र के विजयपुर हाई स्कूल मैदान में रविवार को एनडीए उम्मीदवार विश्व प्रताप सिंह के समर्थन में आयोजित जनसभा को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव केवल किसी प्रत्याशी की तकदीर नहीं, बल्कि बिहार की जनता के भविष्य का निर्धारण करने वाला चुनाव है।
विकास की शर्तें: सड़क, बिजली, पानी और रोजगार
कृषि संकट और समाधान का रास्ता
केंद्रीय मंत्री ने उदाहरण देते हुए कहा कि गेहूं सस्ता है लेकिन ब्रेड और बिस्किट महंगे हैं, फल सस्ते हैं पर जूस महंगा है। किसानों को फसल का उचित मूल्य तभी मिलेगा, जब गांव-गांव में प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) उद्योग लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बिहार का मखाना विमान में 4000 प्रति किलो बिकता है, जबकि स्थानीय बाजार में 20-25 किलो। अगर प्रसंस्करण इकाइयां लगेंगी तो किसानों की आय कई गुना बढ़ेगी।
किसानों को 'ऊर्जादाता' बनाने की दिशा में कदम
गडकरी ने बताया कि मोदी सरकार का लक्ष्य किसानों को केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि ऊर्जादाता बनाना है। उन्होंने कहा कि राजस्थान में अब 100% एथेनॉल से चलने वाले वाहन चल रहे हैं। पेट्रोल ₹120 प्रति लीटर है, जबकि एथेनॉल 65 लीटर में मिल जाता है। औसतन कीमत 25 प्रति लीटर आती है। नागपुर–जबलपुर मार्ग पर चावल की भूसी से डामर तैयार किया गया है। पानीपत में इंडियन ऑयल का प्लांट पराली से एथेनॉल, बायो-बिटुमेन और सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल बना रहा है।
बिहार में इंफ्रास्ट्रक्चर क्रांति का वादा
गडकरी ने कहा कि बिहार को अमेरिका जैसी सड़कें देने का सपना साकार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में मुंबई में 55 फ्लाईओवर, मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे और वर्ली-बांद्रा सी-लिंक बनाए गए। बिहार में भी गोरखपुर–कोलकाता मार्ग समेत 40,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं चल रही हैं। उन्होंने याद दिलाया कि अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तैयार की थी, जो आज भी ग्रामीण भारत की सबसे लोकप्रिय योजना है।
आध्यात्मिक सर्किट से राष्ट्रीय कनेक्टिविटी तक