बिहार के गोपालगंज में भीषण गर्मी के कारण शहर से लेकर गांव तक पेयजल संकट गहराने लगा है। लोगों को शुद्ध जल कैसे मिले, इसकी चिंता सताने लगी है। मीरगंज शहर में पेयजल संकट का और बुरा हाल है। अधिकांश हैंडपंपों का जल स्तर काफी नीचे चला गया है। हैंडपंप का जल स्तर नीचे जाने से पेयजल का संकट होने लगा है। शहर में लगे सरकारी चापाकल काम नहीं कर रहे हैं। इससे लोगों को पानी भरने के लिए दूसरे मोहल्ले में जाना पड़ता है।
जानकारी के मुताबिक, गोपालगंज में अधिकांश हैंडपंप का जल स्तर नीचे जाने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। खरीदारी या अन्य काम से शहर में आने वाले लोगों को गर्मी में पेयजल के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। आरोप है कि नगर परिषद द्वारा पेयजल की व्यवस्था नहीं किए जाने से लोग बोतल बंद पानी खरीदने को मजबूर हैं। राज्य सरकार ने लोगों तक पेयजल आपूर्ति के लिए नल-जल योजना की व्यवस्था की। लेकिन इस योजना की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है। इस योजना को धरातल पर लाने की बजाय सरकार के नुमाइंदे राशि की बंदरबांट में लगे रहे, जिस कारण भीषण गर्मी में भी नल जल योजना दम घुटने पर मजबूर है। बढ़ती गर्मी के कारण शहर के आसपास के तालाब तक सूख गए हैं। शहर में कुल 26 वार्ड हैं जहां नल जल से पेयजल की आपूर्ति के लिए पाइप बिछाए गए हैं। साथ ही प्रत्येक वार्ड में जल मीनार लगाए गए हैं, लेकिन पाइप फटने की वजह से पानी की आपूर्ति सही ढंग से नहीं हो पा रही है। इससे लोगों को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है।
कहने के लिए हर वार्ड में नल जल से पेयजल की आपूर्ति शुरू कर दी गई है, लेकिन हकीकत कुछ और ही है। वार्डों में कई स्थानों पर नल की टोंटी टूट गई है तो कहीं सप्लाई का पाइप ही फट गया है, जिससे पानी की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न हो रही है। कई स्थानों पर तो टूटे पाइप के सहारे पानी की आपूर्ति की जा रही है, जिससे पानी की बर्बादी हो रही है। इसको देखने वाला भी कोई नहीं है।
मीरगंज शहर के हरखौली मिश्र टोला में संदीप मिश्रा के आवास के बाहर पिछले एक साल से पाइप फटने से पानी की बर्बादी हो रही है, लेकिन नगर परिषद ने उसको ठीक कराना मुनासिब नहीं समझता। इसी प्रकार मिल रोड, सोनार टोली, गायत्री मोहल्ला और हरखौली ब्रह्म स्थान सहित कई जगह हैं जहां प्रतिदिन पानी की बर्बादी हो रही है। तपिश और भीषण गर्मी से आम आदमी बेहाल है। इसके बावजूद मीरगंज शहर में कहीं भी सार्वजनिक प्याऊ की व्यवस्था नहीं की गई है।
शहर में बाहरी क्षेत्रों से आने वाले लोगों को मजबूरी में 20 रुपये प्रति लीटर बिकने वाली पानी की बोतलों को खरीदकर अपनी प्यास बुझानी पड़ रही है। हर साल शहर में नगर प्रशासन द्वारा दर्जन भर प्याऊ लगाए जाते रहे हैं। लेकिन इस साल प्याऊ की व्यवस्था नहीं किए जाने से लोग परेशान हैं, जिससे बाजार आने वाले लोगों को पानी पीने के लिए भटकना पड़ रहा है।
इस संबंध में मुख्य पार्षद अनिता देवी से जानकारी लेने पर उन्होंने कहा कि शहर के विकास के लिए मैं कृत संकल्पित हूं। सभी टूटे हुए नल को ठीक करवाया जाएगा। साथ ही आम लोगों को पीने के लिए शुद्ध जल की व्यवस्था की जाएगी।