सारण के कुआरी गांव निवासी जीआरईएफ हवलदार रामेश्वर राम की हरिद्वार में ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। बुधवार को तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर गांव पहुंचा। गार्ड ऑफ ऑनर के बाद नारायणी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया।
सारण जिले के अमनौर थाना क्षेत्र के धर्मपुर जाफर पंचायत के कुआरी गांव निवासी सेना के हवलदार रामेश्वर राम का बुधवार देर शाम पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा। ड्यूटी के दौरान हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई थी। तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर देखते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी मोनिका देवी पति को पुकारते हुए बार-बार बेसुध हो रही थीं।
रामेश्वर राम भारतीय सेना के जीआरईएफ (GREF) में हवलदार के पद पर तैनात थे। उत्तराखंड के हरिद्वार में ड्यूटी के दौरान 20 सितंबर को अचानक उन्हें हार्ट अटैक आया। इसके बाद उन्हें तत्काल ऋषिकेश एम्स ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसी रात करीब साढ़े नौ बजे उनकी मौत हो गई।
पार्थिव शरीर पहुंचते ही उमड़ा गांव
बुधवार देर शाम जब रामेश्वर राम का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। तिरंगे में लिपटे जवान को देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। ग्रामीणों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए ‘जय जवान, जय किसान’ और ‘जब तक सूरज-चांद रहेगा, रामेश्वर का नाम रहेगा’ के नारे लगाए। पति की मौत की सूचना मिलने के बाद से ही पत्नी मोनिका देवी का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों के मुताबिक वह बार-बार बेसुध हो रही थीं। पुत्र, पुत्रवधू, बेटी, बहन और परिवार के अन्य सदस्यों की आंखों से भी आंसू थम नहीं रहे थे।
गार्ड ऑफ ऑनर के साथ दी गई अंतिम विदाई
अंतिम विदाई में शामिल हुए सैकड़ों लोग