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बिहार के मजदूरों के साथ धोखा: लखनऊ में झांसा देकर एमपी भेजा, जबरन बनाया गया बंधक; बिहार भवन तक पहुंचा मामला

Thu, 08 Oct 2026 03:02 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज/रतलाम/लखनऊ

सार

लखनऊ में रोजगार का झांसा देकर गोपालगंज के करीब एक दर्जन मजदूरों को रतलाम भेजने और बंधक बनाकर काम कराने का आरोप है। मजदूरों ने वीडियो जारी कर मदद मांगी। बिहार भवन ने रतलाम प्रशासन से रेस्क्यू और कार्रवाई की मांग की है।

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पीड़ित मजदूर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रोजगार दिलाने का झांसा देकर बिहार के गोपालगंज जिले के करीब एक दर्जन मजदूरों को मध्य प्रदेश के रतलाम में बंधक बनाकर काम कराने का गंभीर मामला सामने आया है। रतलाम जिले के जावड़ा गांव स्थित दुर्गम पहाड़ी इलाके में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर फंसे मजदूरों ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है।

मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उनसे जबरन सरिया बांधने समेत अन्य भारी काम कराया जा रहा है, लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि जब भी वे घर लौटने या काम का विरोध करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। पीड़ित मजदूरों ने पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ नेता मिथिलेश तिवारी और स्थानीय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की है।

एजेंट के झांसे में आकर रतलाम पहुंचे मजदूर

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फंसे मजदूरों में बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के दिघवा-दुबौली गांव निवासी साजन मांझी, सतेंद्र महतो, मनोज राय, अरुण महतो, रामाशीष मांझी, संतोष प्रसाद, विकास मांझी और ललन मांझी शामिल हैं। इसके अलावा डोमाहाता गांव के कमल कुमार और छोटू कुमार भी शामिल हैं। मजदूरों के अनुसार, डोमाहाता गांव के ही एजेंट धर्मेंद्र यादव ने उन्हें लखनऊ में अच्छा काम और बेहतर वेतन दिलाने का भरोसा देकर घर से बुलाया था। आरोप है कि बाद में उन्हें धोखे से रतलाम के जावड़ा स्थित कंस्ट्रक्शन साइट पर भेज दिया गया।

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वीडियो वायरल होने के बाद परिजनों में दहशत

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मजदूरों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गोपालगंज में उनके परिजनों में दहशत का माहौल है। परिजन मजदूरों की सुरक्षित वापसी को लेकर चिंतित हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए नई दिल्ली स्थित बिहार भवन ने भी तत्काल कार्रवाई शुरू की है। बिहार भवन के संयुक्त श्रम आयुक्त कुमार दिग्विजय ने रतलाम के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर पुलिस बल के साथ तत्काल कार्रवाई करने को कहा है।

मजदूरों को मुक्त कराने और सुरक्षित घर भेजने की मांग
बिहार भवन ने मांग की है कि ‘बंधुआ मजदूरी प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम, 1976’ और अन्य श्रम एवं दंड कानूनों के तहत मजदूरों को तत्काल मुक्त कराया जाए। रेस्क्यू के बाद उन्हें भोजन, सुरक्षित आश्रय और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही मजदूरों के लंबित वेतन का भुगतान कराने और उन्हें सुरक्षित गोपालगंज भेजने की मांग की गई है। दोषी ठेकेदार, नियोक्ता और मध्यस्थ एजेंट धर्मेंद्र यादव के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है। फिलहाल रतलाम प्रशासन और बिहार सरकार के समन्वय से मजदूरों के रेस्क्यू की तैयारी की जा रही है। मजदूरों के परिजनों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई और उनकी सुरक्षित वापसी पर टिकी है।

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