लखनऊ में रोजगार का झांसा देकर गोपालगंज के करीब एक दर्जन मजदूरों को रतलाम भेजने और बंधक बनाकर काम कराने का आरोप है। मजदूरों ने वीडियो जारी कर मदद मांगी। बिहार भवन ने रतलाम प्रशासन से रेस्क्यू और कार्रवाई की मांग की है।
उत्तर प्रदेश के लखनऊ में रोजगार दिलाने का झांसा देकर बिहार के गोपालगंज जिले के करीब एक दर्जन मजदूरों को मध्य प्रदेश के रतलाम में बंधक बनाकर काम कराने का गंभीर मामला सामने आया है। रतलाम जिले के जावड़ा गांव स्थित दुर्गम पहाड़ी इलाके में एक कंस्ट्रक्शन साइट पर फंसे मजदूरों ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी सुरक्षा की गुहार लगाई है।
मजदूरों ने आरोप लगाया है कि उनसे जबरन सरिया बांधने समेत अन्य भारी काम कराया जा रहा है, लेकिन मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा। उनका कहना है कि जब भी वे घर लौटने या काम का विरोध करने की कोशिश करते हैं तो उन्हें जान से मारने की धमकी दी जाती है। पीड़ित मजदूरों ने पूर्व विधायक एवं वरिष्ठ नेता मिथिलेश तिवारी और स्थानीय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की अपील की है।
एजेंट के झांसे में आकर रतलाम पहुंचे मजदूर
वीडियो वायरल होने के बाद परिजनों में दहशत
मजदूरों को मुक्त कराने और सुरक्षित घर भेजने की मांग
बिहार भवन ने मांग की है कि ‘बंधुआ मजदूरी प्रथा (उन्मूलन) अधिनियम, 1976’ और अन्य श्रम एवं दंड कानूनों के तहत मजदूरों को तत्काल मुक्त कराया जाए। रेस्क्यू के बाद उन्हें भोजन, सुरक्षित आश्रय और चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही मजदूरों के लंबित वेतन का भुगतान कराने और उन्हें सुरक्षित गोपालगंज भेजने की मांग की गई है। दोषी ठेकेदार, नियोक्ता और मध्यस्थ एजेंट धर्मेंद्र यादव के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग भी की गई है। फिलहाल रतलाम प्रशासन और बिहार सरकार के समन्वय से मजदूरों के रेस्क्यू की तैयारी की जा रही है। मजदूरों के परिजनों की नजर अब प्रशासन की कार्रवाई और उनकी सुरक्षित वापसी पर टिकी है।