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Bihar: 29 दिन बाद खुला छोटू हत्याकांड का राज! 12 फीट गहरे गड्ढे से मिला छात्र का शव, कैसे हुआ खुलासा?

Thu, 09 Jul 2026 12:04 PM IST
दरभंगा ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, समस्तीपुर

सार

Bihar News: समस्तीपुर में 29 दिनों से लापता नौवीं कक्षा के छात्र ईशांत उर्फ छोटू का शव 12 फीट गहरे गड्ढे से बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार, शव को प्लास्टिक में लपेटकर दफनाया गया था। मामले में एफएसएल ने साक्ष्य जुटाए हैं और हत्या की साजिश व अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
 
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मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पिछले 10 जून से लापता नौवीं कक्षा के छात्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू की तलाश बुधवार देर रात दर्दनाक अंत तक पहुंच गई। आत्मसमर्पण कर चुके आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने विद्यापतिनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बंगराहा-लखनपुर गांव के कलना चौर में करीब 12 फीट गहरे गड्ढे से छात्र का शव बरामद किया। जेसीबी से कई घंटे तक चली खुदाई के बाद प्लास्टिक में लिपटा शव बाहर निकाला गया। करीब 29 दिनों तक जिस बेटे के लौटने की आस में परिवार इंतजार करता रहा, उसकी मौत की खबर ने पूरे इलाके को गम और गुस्से में डुबो दिया।
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आरोपी की निशानदेही पर खुला राज
आत्मसमर्पण कर चुके आरोपी आनंदी सिंह को रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर वरीय पुलिस उपाधीक्षक विवेक कुमार शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम देर रात कलना चौर पहुंची। जेसीबी से खुदाई के दौरान करीब 12 फीट नीचे दफन शव बरामद हुआ।

प्लास्टिक की कई परतों में लिपटा मिला शव
पुलिस के अनुसार, शव प्लास्टिक की कई परतों में लिपटा मिला। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि हत्या के बाद पहचान छिपाने और साक्ष्य मिटाने की नीयत से शव को सुनसान खेत में गहरे गड्ढे में दफना दिया गया था।
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दोस्तों के बुलावे पर घर से निकला था ईशांत
बंगराहा निवासी किसान रामप्रीत राय का 14 वर्षीय पुत्र ईशांत कुमार उर्फ छोटू उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बंगराहा में नौवीं कक्षा का छात्र था। 10 जून की शाम वह दोस्तों के बुलावे पर घर से निकला था। देर रात तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू की और बाद में थाने में शिकायत दर्ज कराई।

29 दिन तक बेटे के लौटने का इंतजार करता रहा परिवार
परिजन हर दिन बेटे की वापसी की उम्मीद लगाए बैठे रहे। गांव के लोगों ने भी लगातार खोजबीन की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। आखिरकार बुधवार देर रात शव बरामद होने के साथ तलाश खत्म हो गई।

ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद बनी थी एसआईटी
छात्र के लापता होने के बाद 12 जून को ग्रामीणों ने बंगराहा चौक जाम कर प्रदर्शन किया था। बढ़ते जनदबाव के बीच 19 जून को पुलिस अधीक्षक अरविंद प्रताप सिंह गांव पहुंचे। उन्होंने एसआईटी का गठन किया और वैज्ञानिक तरीके से जांच के निर्देश दिए।

शव मिलते ही परिवार में मचा कोहराम
शव बरामद होने के बाद एफएसएल टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। मौके से कई नमूने एकत्र किए गए। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया। शव मिलने की सूचना मिलते ही पिता रामप्रीत राय, मां अभिलाषा देवी, बड़े भाई प्रशांत राय और बहन किरण कुमारी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में मातम पसर गया और बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचने लगे।

कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस
पुलिस अब इस हत्याकांड के कई अहम पहलुओं की जांच कर रही है। हत्या की असली वजह क्या थी? वारदात में कितने लोग शामिल थे? हत्या कहां की गई? शव को दफनाने में किस-किस ने मदद की? क्या घटना की पहले से साजिश रची गई थी? इन सभी सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
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घटनाक्रम एक नजर में
10 जून: दोस्तों के बुलावे पर घर से निकला ईशांत लापता हो गया।
10 जून: परिजनों ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
12 जून: ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
19 जून: एसपी ने गांव पहुंचकर एसआईटी गठित की।
8 जुलाई: आरोपी की निशानदेही पर 12 फीट गहरे गड्ढे से शव बरामद हुआ।
फिलहाल: हत्या की पूरी साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच जारी है।
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