लालू यादव और उनकी बेटी रोहिणी अचार्या
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राष्ट्रीय जनता दल अध्यक्ष और पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव को किडनी देकर उनकी जान बचाने वाली बेटी रोहिणी आचार्या को अपने पिता की एक 10 साल पुरानी बात अचानक याद आई है। उन्होंने बताया है कि लालू प्रसाद को आशंका (डर) थी। उस आशंका को खत्म करने का प्रयास लालू प्रसाद कर भी रहे थे, लेकिन अब यह सच के रूप में सामने आया है। रोहिणी ने राहुल गांधी की सांसदी जाने पर सोशल मीडिया पर जारी अपनी दर्दभरी प्रतिक्रिया में वह वाकया लिखा है।
रोहिणी आचार्या का ट्वीट।
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क्या लिखा रोहिणी आचार्या ने, पढ़िए यहां
सिंगापुर में रह रहीं रोहिणी ने लिखा है- "भाजपा का चाल-चरित्र पापा सब समझते थे। इसीलिए तो 2013 में इन्होंने इस अध्यादेश का विरोध किया था। उन्हें पहले से ही अनुभूति थी कि अगर भूल से भी भाजपा सत्ता में आ गई तो इसी अध्यादेश के बल पर देश के लोकतंत्र को कुचला करेगी और आज वही हुआ। राहुल गांधी जी नासमझी के शिकार हो गए और जाने-अनजाने में ही ऐसी गलती कर बैठे, जिसकी सजा आज देश के विपक्षी पार्टी के नेताओं को झूठे केस-मुकदमों की जाल में उलझ कर अपनी सदस्यता गंवानी पड़ रही है।"
रोहिणी की इस बात का समर्थन मुकेश यादव नाम के यूजर ने किया। मुकेश ने रोहिणी की ट्वीट पर रिप्लाई देते हुए कहा कि जिस चक्रव्यूह में कल लालू प्रसाद यादव, मोहम्मद आज़म ख़ान जैसों की सदस्यता रद्द की गई। आज वही चक्रव्यूह राहुल गांधी की सदस्यता रद्द कर गया। कल किसी और ने तानाशाही रवैया अख्तियार किया। आज मुल्क का मौजूदा निज़ाम यही कर रहा। गलतियों से सीखना और सबको जोड़ कर साझा लड़ाई लड़ना होगा।
तेजस्वी बोले- अतिगंभीर चिंता का विषय है
इधर, बिहार के उपमुख्यमंत्री और रोहिणी आचार्या के भाई तेजस्वी यादव ने गुरुवार को राहुल गांधी के समर्थन में ट्वीट किया था। उन्होंने लिखा था कि चक्रव्यूह रच विपक्षी नेताओं पर ED,IT, CBI से दबिश करवाओ फिर भी बात ना बने तो घिनौने षडयंत्र के अंतर्गत विभिन्न शहरों में आधारहीन मुकदमे करवाओ ताकि हैडलाइन मैनेजमेंट में कोई कोर कसर ना रह जाए। यह संविधान, लोकतंत्र, राजनीति और देश के लिए अतिगंभीर चिंता का विषय है।