बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद सड़क दुर्घटना के मामले में काफी कमी आई है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक साल 2015 में सड़क दुर्घटनाओं में 867 लोगों की मौत हुई थी जबकि साल 2016 में यह संख्या घटकर 326 हो गई। मतलब इसमें 60 प्रतिशत की कमी देखी गई है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के मुताबिक सड़क दुर्घटनाओं की मुख्य वजह शराब पीकर गाड़ी चलाना है। रिपोर्ट का कहना है कि संपन्न देशों में 20% लोग शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पाए गए हैं जबकि मध्यम आय वाले देशों में 69% लोग ड्रंक ड्राइविंग करते हुए पाए गए हैं।
हालांकि, सड़क सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा होने के कारण मोटर वीइकल कानून में सुधार के लिए पहली बार शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पकड़े जाने पर 10 हजाए रुपए और दूसरी बार पकड़े जाने पर 15 हजार रुपए फाइन वसूलने का नियम प्रस्तावित किया गया है।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नेशनल और स्टेट हाइवे के 500 मीटर के दायरे में शराब की दुकानों पर पाबंदी लगाई थी। ये भी एक कारण हो सकता है जिसके बाद सड़क दुर्घटना में कमी देखी गई है।