फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राजद के सिद्दीकी का इंटरव्यू: बोले- भारत पहले जैसा नहीं रहा, अभी केंद्र में विकल्प का चेहरा सामने आना बाकी

Sat, 24 Dec 2022 09:08 AM IST
कुमार जितेंद्र ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना

सार

भारत में रहने लायक स्थिति नहीं है...यह बोलकर चर्चा में आए राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव ने 'अमर उजाला' से इंटरव्यू में कहा- केंद्र में प्यार की भाषा वाली सरकार आएगी। केंद्र की वर्तमान सरकार का विकल्प बनने वाला चेहरा अभी सामने नहीं आया है।
विज्ञापन
सिद्दीकी को बच्चों ने दिया जवाब- बालिग हैं, अपना फैसला खुद लेंगे। फिर भी बोले- मैं मकसद में कामयाब। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में रहने लायक स्थिति नहीं है...यह सुर पहली बार बिहार से बहुत तेज उठा हुआ है। राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव को यह बयान दिए एक हफ्ते से ज्यादा गुजर गया, लेकिन अब वीडियो वायरल हुआ तो हंगामा बरपा है। सिद्दीकी ने हार्वर्ड में रह रहे बेटे और लंदन से पढ़ी बेटी को भारत आने से मना किया। यह कहा कि अब यहां की स्थिति अच्छी नहीं है। इसपर भाजपा नेताओं ने सिद्दीकी को खूब खरी-खोटी सुनाई। किसी ने भारत छोड़ने की सलाह दी, किसी ने बिहार के बारे में सोचने की और किसी ने 2024 के लोकसभा चुनाव का इंतजार करने की। ऐसे में 'अमर उजाला’ ने उनसे लंबी बातचीत की। इन सवालों के अंत तक पहुंचते हुए सिद्दीकी ने यह भी साफ किया कि केंद्र की वर्तमान सरकार का विकल्प बनने वाला चेहरा अभी सामने नहीं आया है। पूरा इंटरव्यू पढ़ें...

विज्ञापन

सवाल- दरअसल आपने क्या कहा था और क्यों? 
जवाब- मेरा मकसद कभी भी हंगामा करना नहीं था। मेरा जो मकसद था, मैं उसमें कामयाब हो गया। जिस कार्यक्रम में मैंने यह बातें कहीं, उसमें सेवानिवृत आईएएस अधिकारी, उच्च न्यायालय के सेवानिवृत जज, प्रोफेसर जैसे लोग थे। कई लोगों ने तो मुझसे भी ज्यादा बहुत कुछ बोला। उसी दौरान हमने इतना ही कहा- “मेरे बेटा और बेटी विदेश में रहते हैं। मैंने उनसे कहा कि अगर वहां नौकरी मिल जाए तो वहीं नौकरी कर लेना। अगर नौकरी के आधार पर नागरिकता मिल जाए तो वह भी हासिल कर लेना। भारत मत लौटना, क्योंकि यहां के हालात ठीक नही हैं।" ऐसा कहने के पीछे कई कारण थे। नौकरी करने के लिए कोई विदेश क्यों जाता है? जहां रोजगार के अच्छे मौके मिलते हैं, लोग वहां चले जाते हैं। आप यहां रोजगार का मौका दोगे, तो लोग बाहर क्यों जाएंगे? यहां तो पांच साल वाला आर्मी बहाल हो रहा। सरकारी कंपनियों का निजीकरण होता जा रहा है। कोई मालामाल हो रहा, कोई गरीब से गरीब होता जा रहा है। मैं दुखी मन से कह रहा हूं कि अब मुल्क का माहौल ऐसा बनाया जा रहा है। लोगों को टारगेट किया जा रहा है। लोग घृणा की राजनीति करते हैं। द्वेष की राजनीति करते हैं। भेदभाव की राजनीति करते हैं। जलन की राजनीति करते हैं। इस तरह की राजनीति से देश और समाज को नुकसान हो रहा है। ऐसी स्थिति में यह बहस छेड़ने में मैं कामयाब रहा।
सवाल- उस दरम्यान आपने जिस संदर्भ का जिक्र किया, उसपर आपके बेटे ने क्या कहा?
जवाब- मेरे बेटे और बेटी ने कहा कि आप कौन होते हैं ये कहने वाले कि हम क्या करें और क्या नहीं। हमें क्या करना है, क्या नहीं...इसका फैसला हम खुद लेंगे। हम बालिग़ हैं। दुनिया देख रहे हैं। आप अपनी बात थोप नहीं सकते हैं।
विज्ञापन

सवाल- आपकी बात से तो यही लग रहा है कि आपको भी उन बड़े कलाकारों-साहित्यकारों की तरह भारत में रहने लायक स्थिति नहीं लगती है?
जवाब- काहे न कहें? जो ग्राउंड रियलिटी है उसकी समीक्षा कीजिए कि कौन लोग डर रहे हैं और कौन लोग डरा रहे हैं? कौन लोग घृणा फैला रहे हैं और कौन लोग नफरत झेल रहे हैं?  
सवाल- वह क्या परिस्थितियां हैं, जिन्हें देखकर आपको ऐसा लगता है? 
जवाब- छोटे बच्चे को बताया जा रहा है कि यह लोग टेररिस्ट हैं। वह छोटा बच्चा जानता भी नहीं है कि टेररिज्म क्या है। उसके दिमाग में कौन घुसा रहा है कि ये कौम टेररिस्ट होता है? कौम कोई टेररिस्ट नहीं होता है। टेररिज्म में जो लोग संलिप्त हैं, वो टेररिस्ट हैं।
सवाल- आपके बच्चे भी अब समझदार हैं। दुनिया देख चुके हैं। उनकी बातों का क्या भावार्थ लगा आपको?
जवाब- वह लोग बालिग हैं। अपने हिसाब से समझेंगे। मुझे जो ग्राउंड रियलिटी समझ में आती है, वह समझाया था।
सवाल- क्या भारत में असहिष्णुता की जो वर्तमान स्थिति आपको लग रही है, वह बदलेगी?
जवाब- बदलेगी। हरेक का वक्त आता है। हम कहां चले जाएं और क्यों? लोग पाकिस्तान जाने कह रहे हैं। हम क्यों जाएं? जिनके बाप का है, वह जाएं। वैसे, जो मेरे जैसे आदमी को पाकिस्तान भेजने के लिए तैयार है, वह आम आदमी को क्या कहते होंगे!
सवाल- आपके हिसाब से देश को अब जो नेतृत्व करने वाला चाहिए, उसमें क्या होना चाहिए?
जवाब- इस देश में सही मायने में राज वही करेगा, जो सबको साथ लेकर चलेगा, सभी का दिल जीतेगा। नफ़रत की राजनीति करने वाले जाएंगे और प्यार की राजनीति करने वाले आएंगे। 
विज्ञापन

सवाल- यह परिस्थिति बदलने वाला वह शीर्ष नेता कौन हो सकता है?
जवाब- चेहरा आएगा सामने। बहुत लोगों का चेहरा है। कोई एक आएगा। नफरत की राजनीति करने वाले जाएंगे, प्यार की राजनीति करने वाले आएंगे।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें